संयम और तप-त्याग के इस विशेष माह में तीन दिगंबर जैन मंदिरों में संतों के चातुर्मास रहेंगे खास आकर्षण
अलवर। भादवा महीना शुरू होने के साथ ही जैन धर्मावलंबियों में धार्मिक उत्साह बढ़ने लगा है। जैन परंपरा में भादवा माह को विशेष महत्व प्राप्त है, क्योंकि इसी दौरान दिगंबर जैन धर्मावलंबियों का प्रमुख दसलक्षण पर्व आयोजित होता है। माह की शुरुआत के साथ ही अलवर के जैन मंदिरों में धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और अनेक श्रद्धालुओं ने संयम, तप और त्याग के साथ अपनी दिनचर्या शुरू कर दी है।
जैन पत्रकार महासंघ अलवर के जिला संयोजक हरीश जैन ने बताया कि इस वर्ष दिगंबर जैन धर्मावलंबियों का दसलक्षण पर्व 16 सितंबर से 25 सितंबर तक मनाया जाएगा। दस दिनों तक चलने वाले इस पर्व में जैन मंदिरों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, विधान और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपवास, तपस्या और संयम का मार्ग अपनाते हुए धर्म आराधना करेंगे।
तीन जैन मंदिरों में संतों का चातुर्मास रहेगा विशेष
इस बार दसलक्षण पर्व के दौरान अलवर में तीन प्रमुख दिगंबर जैन मंदिरों में संतों के चातुर्मास होने से धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व रहेगा। स्थानीय स्कीम नंबर 10 स्थित जैन भवन में समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रभावी शिष्य मुनि सौम्य सागर जी महाराज एवं मुनि निश्चल सागर जी महाराज का चातुर्मास चल रहा है।
इसी प्रकार शिवाजी पार्क स्थित श्री संभवनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मुनि सुभद्र सागर जी महाराज तथा जयपुर रोड स्थित अहिंसा स्थल दिगंबर जैन मंदिर में बालाचार्य मुनि अभिनंदन सागर महाराज का चातुर्मास चल रहा है। ऐसे में दसलक्षण पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को संतों के सानिध्य में धर्म आराधना और प्रवचनों का लाभ मिलेगा।
जीवन विकास शिविर बनेगा खास आकर्षण
स्कीम नंबर 10 स्थित जैन मंदिर में दसलक्षण पर्व के दौरान मुनि सौम्य सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में जीवन विकास शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसे अलवर में संयम और संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है।
शिविर में महिला, पुरुष और बच्चे सभी शामिल हो सकेंगे। अलवर के साथ ही बाहरी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। शिविरार्थियों के पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दस दिनों तक आयोजित होने वाले इस शिविर में जैन धर्म, संस्कार, संयम और आध्यात्मिक जीवन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम होंगे। विशेष रूप से युवा वर्ग और बच्चों को जैन संस्कृति एवं धार्मिक संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
सुगंध दशमी और अनंत चतुर्दशी रहेंगे विशेष
दसलक्षण पर्व के दौरान 21 सितंबर को सुगंध दशमी का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर जैन मंदिरों में श्रद्धालु धूप अर्पित कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे।
वहीं 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी, जिसका जैन धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और मंदिरों में धर्म-ध्यान एवं आराधना में समय बिताते हैं। कई दिगंबर जैन मंदिरों में इस अवसर पर कलशाभिषेक सहित विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
दसलक्षण पर्व के दो दिन बाद क्षमा वाणी पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व जैन धर्म की क्षमा, विनम्रता और आत्मशुद्धि की परंपरा का महत्वपूर्ण संदेश देता है। भादवा माह की शुरुआत के साथ ही अलवर का जैन समाज अब आगामी धार्मिक आयोजनों की तैयारियों में जुट गया है।
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