निकाय चुनाव में मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी रखेगी नजर, संदिग्ध खबर पर नोटिस और 48 घंटे में जवाब देने का अवसर
अलवर। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के दौरान पेड न्यूज पर प्रभावी निगरानी के लिए जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी (एमएमसी) का गठन किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित यह समिति प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य मीडिया माध्यमों में प्रकाशित और प्रसारित सामग्री पर नजर रख रही है।
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पेड न्यूज से आशय ऐसे समाचारों से है, जो विज्ञापन के रूप में प्रस्तुत न होकर सामान्य समाचार की तरह प्रकाशित या प्रसारित किए जाते हैं, लेकिन वे किसी विशेष राजनीतिक दल या अभ्यर्थी के पक्ष में होते हैं।
प्रिंट से लेकर इंटरनेट मीडिया तक रहेगी निगरानी
जिला स्तर पर गठित मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा समाचार पत्र-पत्रिकाओं, टेलीविजन, केबल, कंप्यूटर और इंटरनेट सहित विभिन्न माध्यमों पर प्रकाशित एवं प्रसारित सामग्री की निगरानी की जा रही है।
यदि कोई मामला संभावित पेड न्यूज के रूप में सामने आता है तो उसे जांच के लिए जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। जांच के बाद किसी समाचार को पेड न्यूज पाए जाने पर प्रचलित विज्ञापन दर के आधार पर उसके खर्च का आकलन किया जाएगा और संबंधित अभ्यर्थी के चुनाव व्यय खाते में राशि जोड़ दी जाएगी।
संदिग्ध पेड न्यूज पर अभ्यर्थी को मिलेगा नोटिस
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यदि एमएमसी किसी समाचार को संदिग्ध पेड न्यूज मानती है तो संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा अभ्यर्थी को नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस तामील होने के बाद अभ्यर्थी को 48 घंटे के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
निर्धारित समय में जवाब नहीं देने की स्थिति में रिटर्निंग अधिकारी नोटिस की प्रति सहित मामले को एमएमसी के समक्ष विचारार्थ भेजेंगे। कमेटी द्वारा निर्णय लेने के बाद उसकी प्रति संबंधित अभ्यर्थी को उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य स्तरीय समिति में 48 घंटे के भीतर अपील का प्रावधान
जिला स्तरीय एमएमसी के निर्णय से असंतुष्ट अभ्यर्थी राज्य स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष 48 घंटे के भीतर अपील कर सकेंगे। यदि अपील में जिला स्तरीय समिति के निर्णय को निरस्त कर दिया जाता है तो अभ्यर्थी के चुनाव खर्च खाते में जोड़ी गई राशि को कम कर दिया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आर्तिका शुक्ला ने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निकाय चुनाव के दौरान मीडिया सामग्री की निगरानी को लेकर प्रशासन की इस व्यवस्था को चुनावी खर्च की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

