नासिक। महाराष्ट्र के नासिक स्थित ईदगाह मैदान में आदिवासी आवासीय विद्यालयों (आश्रमशालाओं) की बदहाल व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर आदिवासी छात्रों का आंदोलन लगातार 17वें दिन भी जारी रहा। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन स्थल पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनका समर्थन किया। उन्होंने छात्रों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर अपने आंदोलन को राज्य की राजधानी मुंबई तक ले जाने का आह्वान किया।
भूख हड़ताल समाप्त कर मुंबई कूच करने की सलाह
छात्रों से संवाद के बाद अभिजीत दिपके ने कहा कि आदिवासी स्कूलों की दयनीय स्थिति केवल स्थानीय नहीं, बल्कि देशभर में आदिवासी शिक्षा के उपेक्षित ढांचे को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कई मंत्री प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। दिपके ने छात्रों को सलाह दी कि वे अनशन समाप्त कर मुंबई तक पदयात्रा (मार्च) करें, ताकि शासन स्तर पर उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान दिया जा सके।
आश्रमशालाओं में बुनियादी ढांचे और भोजन की गुणवत्ता पर सवाल
आंदोलनरत छात्रों की प्रमुख मांगों और समस्याओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए:
सेंट्रल किचन स्कीम का विरोध: छात्रों का आरोप है कि 'सेंट्रल किचन' व्यवस्था के तहत आश्रमशालाओं में बासी और गुणवत्ताहीन भोजन की आपूर्ति की जा रही है, जिसे तत्काल बंद कर स्थानीय स्तर


