More
    Homeदेशजौहर पर स्वरा भास्कर की टिप्पणी से मचा बवाल, अनिरुद्धाचार्य ने जताई...

    जौहर पर स्वरा भास्कर की टिप्पणी से मचा बवाल, अनिरुद्धाचार्य ने जताई नाराजगी

    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर द्वारा जौहर प्रथा को लेकर दी गई टिप्पणी के बाद देश भर में विवाद गहरा गया है। इस बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया और धार्मिक-सामाजिक मंचों पर उनकी कड़ी आलोचना की जा रही है। अब इस पूरे मामले में प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। अनिरुद्धाचार्य ने न केवल स्वरा भास्कर के बयान पर हमला बोला, बल्कि राजनीतिक नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए एक बेहद विवादित और कड़ा बयान दिया है।

    स्वरा भास्कर के 'जौहर' बयान पर बढ़ा विवाद, अभिनेत्री ने दी सफाई

    पूरे विवाद की शुरुआत दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम से हुई, जहाँ स्वरा भास्कर ने फिल्म ‘पद्मावत’ के क्लाइमेक्स दृश्य में दर्शाए गए 'जौहर' पर अपने विचार व्यक्त किए थे।

    बयान का वीडियो हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिसके बाद उन पर जौहर करने वाली ऐतिहासिक महिलाओं और राजपूत संस्कृति का अनादर करने के आरोप लगे। विवाद बढ़ता देख स्वरा भास्कर ने मामले पर सफाई जारी करते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर और गलत अनुवाद के साथ पेश किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने रानी पद्मावती या राजपूत महिलाओं को कभी कायर नहीं कहा।

    ‘सम्मान और चरित्र के महत्व को समझने की जरूरत’ – अनिरुद्धाचार्य

    विवाद पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने रानी पद्मावती के ऐतिहासिक त्याग का बचाव किया।

    उन्होंने कहा कि रानी पद्मावती जैसी महान महिलाओं ने अपने सम्मान, चरित्र और सतीत्व की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। ऐसी ऐतिहासिक घटनाओं को समझने के लिए उस दौर की विषम परिस्थितियों और भारतीय महिलाओं के अद्वितीय त्याग की भावना को समझना बेहद जरूरी है। अनिरुद्धाचार्य ने टिप्पणी की कि इस विषय की गहराई को वही व्यक्ति समझ सकता है, जिसके मन में चरित्र और सम्मान का महत्व हो।

    मुस्लिम समर्थन और सरकार बनाने पर अनिरुद्धाचार्य का विवादित बयान

    राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए अनिरुद्धाचार्य ने एक बड़ा विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि कट्टरपंथियों या एक वर्ग विशेष के तुष्टिकरण के समर्थन से सरकारें बनती हैं, तो देश में अराजकता और कत्लेआम की स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मंचों पर खुलेआम देशविरोधी और हिंसक नारे लगाए जाते हैं, इसलिए नेताओं को सत्ता हासिल करने के लिए ऐसे तुष्टिकरण की राजनीति करने से बचना चाहिए।

    राहुल गांधी की मनुस्मृति टिप्पणी पर अनिरुद्धाचार्य का पलटवार

    कथावाचक ने अपने बयान के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी सीधा निशाना साधा।

    • मनुस्मृति पर बहस: राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति और महिलाओं की स्थिति को लेकर दिए गए बयानों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पूरे ग्रंथ का अध्ययन करना चाहिए, न कि केवल कुछ चुनिंदा हिस्सों के आधार पर सनातन धर्म पर राय बनानी चाहिए।

    • सामाजिक मुद्दों पर मौन पर सवाल: अनिरुद्धाचार्य ने तीन तलाक, बुर्का और हलाला जैसी कुरीतियों का जिक्र करते हुए पूछा कि राहुल गांधी इन विषयों पर अपना रुख स्पष्ट क्यों नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सनातन परंपराओं पर बोलने में तत्परता दिखाता है, जबकि अन्य सामाजिक सुधारों पर चुप्पी साध लेता है।

     

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here