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    भजनलाल शर्मा की अग्निपरीक्षा बनेगा राजस्थान निकाय चुनाव? BJP ने क्यों झोंकी पूरी ताकत

    जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी पारा चरम पर है। हालांकि यह मुकाबला स्थानीय निकायों का है, लेकिन इसके परिणाम आगामी पंचायती राज चुनावों के साथ-साथ आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की दिशा भी तय करेंगे। प्रदेश में सरकार बनने के बाद यह पहला बड़ा जनमत संग्रह है, जिसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व का पहला बड़ा लिटमस टेस्ट माना जा रहा है।

    भजनलाल शर्मा के नेतृत्व की अग्निपरीक्षा

    पहली बार विधायक बनकर अप्रत्याशित रूप से सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे भजनलाल शर्मा के लिए यह चुनाव बेहद प्रतिष्ठापूर्ण है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जैसे अनुभवी नेताओं की मौजूदगी के बीच पार्टी द्वारा उन पर जताए गए भरोसे पर खरा उतरना और प्रदेश की राजनीति पर अपनी मजबूत पकड़ साबित करना उनके लिए अहम चुनौती है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री स्वयं स्टार प्रचारक की भूमिका में उतर चुके हैं और विभिन्न शहरों में रोड शो के जरिए माहौल को पक्ष में करने की कवायद कर रहे हैं।

    संगठन ने संभाली कमान, बागियों से निपटने की रणनीति

    पार्टी के लिए सबसे बड़ी चिंता का सबब टिकट वितरण के बाद उपजी अंदरूनी बगावत बनी हुई है। नाम वापसी के बाद भी कई सीटों पर डटे बागी उम्मीदवार चुनावी गणित बिगाड़ सकते हैं। इस स्थिति को संभालने के लिए राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने जयपुर पहुंचकर संभागवार फीडबैक बैठकें लीं। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी और संगठन महामंत्री अजेय कुमार सहित प्रमुख रणनीतिकार मौजूद रहे। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में पूरी ताकत झोंकी जाए और भितरघात पर लगाम कसी जाए।

    लोकसभा नतीजों के बाद सतर्क मोड में भाजपा

    साल 2024 के लोकसभा चुनावों में 11 सीटें गंवाने के बाद भाजपा किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। इसके अलावा अंता विधानसभा उपचुनाव में मिली हार, पंचायतों व निकायों में प्रशासक बैठाए जाने पर कांग्रेस की घेराबंदी, परिसीमन विवाद और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दों ने सरकार के सामने चुनौतियां खड़ी की हैं। ओबीसी आरक्षण और अदालती हस्तक्षेप के बाद हो रहे इन चुनावों में कांग्रेस के आक्रामक रुख की काट के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

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