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    बाढ़ राहत कैंप में खाने की गुणवत्ता पर पप्पू यादव का गुस्सा, बोले- जली दाल-कच्चा चावल क्यों?

    हाजीपुर। बिहार में बाढ़ के गहराते संकट के बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने मंगलवार देर रात हाजीपुर स्थित मुख्यमंत्री बाढ़ राहत शिविर का औचक निरीक्षण किया। महात्मा गांधी सेतु के पास पुराने टोल प्लाजा पर स्थापित इस कैंप में पहुंचकर उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बाढ़ पीड़ितों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता खुद चखकर जांची। खाने की गुणवत्ता पर सख्त नाराजगी जताते हुए सांसद ने आरोप लगाया कि शिविर में शरणार्थियों को बेहद अमानवीय और घटिया भोजन परोसा जा रहा है।

    जली दाल और कच्चे चावल को लेकर जताया कड़ा विरोध

    सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि शिविर में जली हुई दाल, कच्चे चने की सब्जी और कच्चा चावल बांटा जा रहा है, जो किसी भी स्थिति में खाने योग्य नहीं है। निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद पीड़ितों ने भी प्रशासनिक अनदेखी की शिकायत दर्ज कराई। लोगों का कहना था कि वीआईपी या अधिकारियों के आगमन पर ही दिखावे के लिए व्यवस्थाएं सुधारी जाती हैं, जबकि बाद में उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है।

    बाढ़ पीड़ितों को दी आर्थिक मदद और सामग्री

    सांसद ने राहत शिविर में रह रहे जरूरतमंदों को राहत के तौर पर 500-500 रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके साथ ही शिविर में मौजूद महिलाओं को सैनिटरी पैड भी वितरित किए गए।

    राघोपुर पहुंचकर खुद बनाईं पूरियां, पीड़ितों के साथ बिताई रात

    हाजीपुर शिविर के बाद पप्पू यादव देर रात नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर के तेरसिया गांव पहुंचे। वहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेते हुए खुद अपने हाथों से पूरियां बनाकर पीड़ितों को परोसीं। राघोपुर में भी उन्होंने ग्रामीणों को आर्थिक मदद दी और महिलाओं को जरूरी सामग्री बांटी।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बिताई रात, सरकार पर साधा निशाना

    राघोपुर में बाढ़ पीड़ितों के बीच ही रात्रि विश्राम करने के बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने राज्य सरकार और वैशाली जिला प्रशासन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल कागजों और बयानों में राहत पहुंचा रही है, जबकि धरातल पर पीड़ितों के हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।

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