चुनावी मैदान में नीलगाय संरक्षण आंदोलन की अपील, राजस्थान नीलगाय रक्षा आंदोलन टीम ने मतदाताओं से मांगा जागरूक होकर निर्णय लेने का आह्वान
अलवर। राजस्थान नीलगाय रक्षा आंदोलन टीम से जुड़े विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, पर्यावरण, प्रकृति, सांस्कृतिक एवं जनसेवी संगठनों ने निकाय चुनाव के दौरान मतदाताओं से नीलगाय हत्या से जुड़े कानून को लेकर प्रत्याशियों से सवाल पूछने की अपील की है। टीम ने विशेष रूप से युवाओं और अहिंसा में आस्था रखने वाले नागरिकों से चुनाव में ऐसे प्रत्याशियों के प्रति अपना रुख स्पष्ट करने का आह्वान किया है, जो नीलगाय संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करते।
टीम प्रमुख ओमप्रकाश गुप्ता ने बयान जारी कर कहा कि जो प्रत्याशी वोट मांगने के लिए जनता के बीच आ रहे हैं, उनसे यह सवाल जरूर पूछा जाना चाहिए कि नीलगायों की हत्या जैसे कानूनों और उनके संरक्षण के मुद्दे पर उनकी क्या राय है।
नीलगायों के संरक्षण को लेकर उठाए सवाल
ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि नीलगायों को भी गौमाता, वन्यजीव, हिरण और चीता सहित अन्य जीवों की तरह सुरक्षित एवं स्वतंत्र रूप से जीने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि समाज के विभिन्न वर्गों और संत-महात्माओं की ओर से नीलगाय संरक्षण को लेकर लगातार अपील की जाती रही है, तो इस विषय पर गंभीरता से विचार क्यों नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आचार्यों, साधु-संतों, संन्यासियों, कथावाचकों, जैन मुनियों और साध्वियों सहित अनेक लोगों की ओर से इस विषय में अपील की गई है। इसके बावजूद यदि इन अपीलों की अनदेखी होती है तो समाज को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
मतदान को बताया लोकतांत्रिक अधिकार
राजस्थान नीलगाय रक्षा आंदोलन टीम ने कहा कि निकाय चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण अवसर हैं। मतदाताओं के पास अपने विवेक के आधार पर प्रत्याशियों का चयन करने का अधिकार है। टीम ने अपील की कि मतदाता वोट मांगने वाले प्रत्याशियों से नीलगाय संरक्षण, अहिंसा और जीवदया से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगें।
बयान में कहा गया कि जो लोग नीलगायों जैसी शाकाहारी और अहिंसक वन्यजीवों की हत्या से जुड़े मुद्दों पर मौन रहते हैं, उनके रुख को जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
अहिंसा और जीवदया का संदेश देने की अपील
टीम प्रमुख ने कहा कि भारतीय और सनातन परंपरा में जीवदया तथा अहिंसा का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव के दौरान अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए ऐसे जनप्रतिनिधियों का चयन करें, जो प्रकृति, पर्यावरण और जीव-जंतुओं के संरक्षण के प्रति संवेदनशील हों।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान जनता के हाथ में महत्वपूर्ण शक्ति है और इसका उपयोग समाजहित, पर्यावरण संरक्षण तथा जीवदया के पक्ष में किया जाना चाहिए।
राजस्थान नीलगाय रक्षा आंदोलन टीम ने युवाओं सहित सभी मतदाताओं से नीलगाय संरक्षण के मुद्दे पर जागरूक होकर मतदान करने तथा प्रत्याशियों से इस विषय पर स्पष्ट जवाब लेने का आह्वान किया।
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