चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में द्रमुक (डीएमके) अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और वर्तमान मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के बीच जुबानी जंग बेहद तीखी हो गई है। मुख्यमंत्री विजय द्वारा डीएमके पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के जवाब में स्टालिन ने सीधा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आपातकाल (इमरजेंसी) के दौरान अपनी गिरफ्तारी, जेल में मिली यातनाओं और पार्टी के वैचारिक संघर्ष को याद दिलाते हुए कहा कि इतिहास को कभी मिटाया नहीं जा सकता। दूसरी ओर, डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने भी चेन्नई में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री विजय के प्रशासनिक तंत्र पर कड़ा हमला बोला है।
विजय के आरोपों पर स्टालिन का करारा जवाब: 'डीएमके का इतिहास बदला नहीं जा सकता'
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में एम.के. स्टालिन ने विधानसभा में दिए गए मुख्यमंत्री विजय के बयानों का खंडन किया। स्टालिन ने कहा कि आपातकाल का विरोध करने पर 31 जनवरी 1976 को तत्कालीन केंद्र सरकार ने कलैगनार करुणानिधि की निर्वाचित सरकार को बर्खास्त कर दिया था। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार गिरते ही पुलिस उन्हें मीसा (MISA) कानून के तहत गिरफ्तार करने उनके निवास पर पहुंच गई थी और अगले दिन उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था।
जेल में शारीरिक और मानसिक यातनाओं को किया याद
अपनी आपबीती साझा करते हुए स्टालिन ने कहा कि जेल के भीतर उन्हें और अन्य नेताओं को कुष्ठ रोगियों के वार्ड में रखा गया था, जहां एक छोटे से कमरे में दस-दस लोग बंद थे। पुलिस द्वारा कैदियों पर लाठियां और बूट बरसाए जाते थे। उन्होंने पूर्व सांसद चिट्टी बाबू की जेल में हुई दुखद मृत्यु और स्वयं के जबड़े की हड्डी टूटने का जिक्र करते हुए कहा कि वे इस ऐतिहासिक और वैचारिक संघर्ष का हिस्सा बनने पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने सरकारिया आयोग और ईडी के मुकदमों से जुड़े आरोपों को राजनीति से प्रेरित करार दिया।
विधानसभा की गरिमा और प्रशासनिक विफलताओं पर घेरा
स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय को नसीहत देते हुए कहा कि तमिलनाडु विधानसभा महान नेताओं की कर्मभूमि रही है और उसकी गरिमा बनाए रखना वर्तमान नेतृत्व का दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय सरकार केवल पब्लिसिटी और रील्स के जरिए अपनी प्रशासनिक नाकामी को छिपा रही है। किसान कर्ज माफी, एलपीजी सब्सिडी और परंदूर एयरपोर्ट जैसे चुनावी वादों का जिक्र करते हुए स्टालिन ने कहा कि डीएमके सत्ता में रहे या न रहे, तमिलनाडु के अधिकारों और जनता के कल्याण के लिए सदैव संघर्ष करती रहेगी।
कनिमोझी का तंज: 'कमर्शियल फिल्मों के दृश्यों की तरह अपराध देख रहे मुख्यमंत्री'
डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने राजधानी चेन्नई में हाल ही में हुई हत्या और डकैती की वारदातों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पूर्व में अभिनेता रहे मुख्यमंत्री ऐसा आचरण कर रहे हैं मानो वे पहले अपराधों को किसी कमर्शियल फिल्म के दृश्य की तरह घटित होने दे रहे हों और बाद में जनता को भ्रमित कर अपनी 'हीरो जैसी छवि' पेश करना चाहते हों। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय का पलटवार: अपराधियों पर होगी कठोरतम कार्रवाई
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में कानून का शासन सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को राजनीतिक हस्तक्षेप से पूरी तरह मुक्त रखा गया है और रिक्त पदों को जल्द भरा जाएगा। अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध करने वाला व्यक्ति चाहे किसी भी राजनीतिक दल से संबद्ध हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने राजनीतिक बहसों में अपमानजनक भाषा और महिलाओं के प्रति अभद्र टिप्पणियों से बचने की भी अपील की।


