पणजी (गोवा): मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण एवं चौड़ीकरण में हो रहे अत्यधिक विलंब को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर तीव्र नाराजगी जताई है। पिछले 16-17 वर्षों से चल रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में हुई देरी पर सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त करते हुए गडकरी ने कहा कि उन्हें इस बात का गहरा मलाल है कि मुंबई-गोवा हाईवे को पूरा होने में इतना लंबा वक्त लग गया।
'ज्यादा से ज्यादा ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट और अधिकारियों को सस्पेंड करने का बनाऊंगा रिकॉर्ड'
गोवा के पर्वरी में 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के दौरान नितिन गडकरी ने सख्त लहजे में कहा कि उनके मंत्रालय के नाम सात विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं, लेकिन अब वे एक नया रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वे अब काम में लापरवाही बरतने वाले अधिक से अधिक ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और दोषी अधिकारियों को निलंबित करने का रिकॉर्ड बनाएंगे। गडकरी ने यह भी साफ किया कि वे अब इस हाईवे के औपचारिक उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे।
440 किलोमीटर लंबे हाईवे का 95 फीसदी काम पूरा, अक्टूबर में गडकरी करेंगे कार से निरीक्षण
लगभग 440 किलोमीटर लंबे मुंबई-गोवा हाईवे का करीब 90 से 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। नितिन गडकरी ने जानकारी दी कि हाल ही में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है कि वे स्वयं अक्टूबर माह में मुंबई से गोवा तक कार से यात्रा कर पूरी सड़क के निर्माण कार्य और गुणवत्ता की जमीनी पड़ताल करेंगे।
पहली ही बारिश में उभरे गड्ढे, टोल वसूली और सुरक्षा मानकों पर खड़े हुए सवाल
हाईवे के कुछ हिस्सों को हाल ही में अपग्रेड किया गया था, लेकिन पहली ही मानसूनी बारिश में वहां गड्ढे और जलभराव की समस्याएं सामने आने लगी हैं। खरपाड़ा टोल प्लाजा से मई माह से टोल वसूली तो शुरू कर दी गई है, किंतु यात्रियों को अभी भी डायवर्जन और जाम से जूझना पड़ रहा है। इसके अलावा, कर्नाला पक्षी अभयारण्य के पास वर्ष 2021 में बंदरों की सुरक्षित आवाजाही के लिए निर्मित 'मंकी ओवरपास' के अचानक ढह जाने से निर्माण सामग्री और सुरक्षा मानकों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पर्वरी में 641 करोड़ रुपये की लागत से बने 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का लोकार्पण
गडकरी गोवा के पर्वरी में 641.46 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनकर तैयार हुए 5.15 किलोमीटर लंबे 6-लेन एलिवेटेड मार्ग का लोकार्पण करने पहुंचे थे। केंद्रीय मंत्री के इस कड़े रुख के बाद अब अक्टूबर में होने वाले उनके सड़क निरीक्षण और उसके पश्चात ढिलाई बरतने वाले अफसरों व ठेकेदारों पर होने वाली सख्त कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।


