भोपाल| मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर गति पकड़ ली है। बीते रविवार को राज्य के पश्चिमी अंचल अंतर्गत इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग के समीपवर्ती क्षेत्रों में एक साथ तीन मानसूनी प्रणालियां क्रियाशील रहीं। इसके प्रभाव से अनेक जनपदों में मूसलाधार वर्षा दर्ज की गई। बड़वानी जिले में नदियां और नाले उफान पर आ गए, वहीं इंदौर, रतलाम तथा मुरैना सहित विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा का क्रम निरंतर जारी रहा।
इन जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर जिलों में भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है। इसके अतिरिक्त भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ एवं निवाड़ी में भी मध्यम से हल्की वर्षा का अनुमान जताया गया है।
15 सितंबर के उपरांत वर्षा की तीव्रता में आएगी कमी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश के कतिपय भू-भागों में भारी वर्षा की स्थिति बनी रह सकती है। निम्न दबाव का क्षेत्र राजस्थान और गुजरात की ओर अग्रसर होने के कारण पश्चिमी क्षेत्रों में इसका प्रभाव दृष्टिगोचर होगा।
आगामी एक सप्ताह तक बना रहेगा वर्षा का वातावरण
15 सितंबर के पश्चात प्रदेश में वर्षा की तीव्रता में क्रमिक रूप से कमी आने का आकलन है। आगामी सात दिनों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम पूर्णतः शुष्क नहीं होगा और भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में रह-रहकर हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है।


