हलवारा। पंजाब के लुधियाना जिले में विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ स्टडी वीजा और कॉलेज में दाखिले का झांसा देकर एक परिवार से करीब 30 लाख रुपये की ठगी कर ली गई और कनाडा पहुँची महिला का भविष्य अधर में लटक गया है।
30 लाख की ठगी और फर्जीवाड़े का खुलासा
लुधियाना के गांव मेहताबगढ़ घूंगराणा निवासी नवदीप सिंह ने अपनी पत्नी को कनाडा भेजने के लिए चार ट्रैवल एजेंटों के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया था। आरोप है कि जीआईसी और कॉलेज फीस के नाम पर आरोपियों ने कुल 30 लाख रुपये की रकम नवदीप की पत्नी के एक्सिस बैंक खाते में जमा करवाई और फर्जी दस्तावेजों के सहारे वीजा हासिल कर लिया। लेकिन कनाडा पहुँचने पर जब सच्चाई सामने आई, तो पता चला कि जिस कॉलेज में दाखिले की बात कही गई थी, वहाँ कोई एडमिशन हुआ ही नहीं था। इसके अलावा, आरोपियों पर बैंक खाते से फीस और जीआईसी की रकम निकालकर उसे खुर्द-बुर्द करने का भी गंभीर आरोप है।
थाना जोधां में चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला लुधियाना ग्रामीण के एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता के आदेश पर डीएसपी दाखा करण सिंह संधू ने इसकी जांच की। प्रथम दृष्टया तथ्य सही पाए जाने के बाद थाना जोधां पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है:
रविंदर सिंह उर्फ रवि (निवासी शाहपुर, पायल-खन्ना)
मनदीप सिंह (निवासी राजगढ़, दोराहा-खन्ना)
कमलजीत सिंह (निवासी कालख, डेहलों)
अमनिंदर सिंह (निवासी कालख, डेहलों)
निर्वासन का खतरा और पुलिस कार्रवाई
परिजनों के अनुसार, ठगी का शिकार हुई महिला इस समय कनाडा में भारी परेशानी का सामना कर रही है और उसके सिर पर निर्वासन (डिपपोर्टेशन) का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि उसका वीजा समाप्त होने की कगार पर है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जाँच कर रही है कि जब कॉलेज में दाखिला नहीं था, तो फर्जी कागजातों के आधार पर वीजा कैसे जारी हुआ और इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे कौन-कौन लोग संलिप्त हैं। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।


