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    बांसवाड़ा में बहनों की सियासी एंट्री, एक बीजेपी से जीतीं तो दूसरी कांग्रेस से

    बांसवाड़ा। नगर परिषद चुनाव के परिणामों में कई हैरान करने वाले और दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं, जहाँ एक तरफ दो सगी बहनें अलग-अलग दलों से पार्षद चुनकर सदन पहुँची हैं, तो वहीं दूसरी ओर एक प्रत्याशी ने सातवीं बार जीत दर्ज कर अनोखा रिकॉर्ड बनाया है।

    सदन में साथ बैठेंगी दो सगी बहनें

    बांसवाड़ा नगर परिषद के वार्ड 42 से भाजपा उम्मीदवार गायत्री शर्मा ने जीत हासिल की है, जबकि उनकी अपनी बहन राजेश्वरी शर्मा ने वार्ड 54 से कांग्रेस के टिकट पर बाजी मारी है। यह पहला मौका होगा जब बांसवाड़ा निकाय के इतिहास में दो बहनें एक साथ पार्षद के रूप में सदन का हिस्सा बनेंगी। इससे पहले कांग्रेस नेता नाथूराम हरिजन और उनकी पुत्री देवबाला राठौड़ भी साथ रह चुके हैं।

    सातवीं बार जीत का रिकॉर्ड और अनोखे संयोग

    कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीतने वाली देवबाला राठौड़ ने लगातार सातवीं बार पार्षद बनकर एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इसके अलावा, चुनाव परिणामों में समान नामों को लेकर भी खासी चर्चा रही, जहाँ भाजपा से चांदनी लालवानी और चांदनी जैन समेत दो 'दिनेश' (दिनेश राणा और दिनेश पुरी) चुनाव जीते। इसी तरह कांग्रेस से भी गौतम मईड़ा और गौतम निनामा जैसे एक जैसे नाम वाले प्रत्याशी विजयी रहे।

    दिग्गजों की वापसी और बीएपी का सूपड़ा साफ

    कांग्रेस ने अपने पुराने पार्षदों में से छह को जिताने में सफलता पाई, जबकि छह अन्य पूर्व पार्षदों को हार का सामना करना पड़ा। वहीं भाजपा खेमे से युगल उपाध्याय, सोनिया वैष्णव और दीपक जोशी समेत कई पुराने चेहरों ने शानदार वापसी की है। दूसरी ओर, बांसवाड़ा में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ने 19 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी इनमें से एक भी सीट पर जीत हासिल करने में नाकामयाब रही।

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