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    65 बनाम 10 की सियासी लड़ाई, TMC के बागी विधायकों की सदस्यता पर उठे सवाल

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहा आंतरिक सत्ता संघर्ष अब विधानसभा के औपचारिक पटल पर पहुंच गया है। विधानसभा सचिवालय ने टीएमसी के बागी खेमे से जुड़े 10 विधायकों को नोटिस जारी कर दिया है। पार्टी की ओर से दायर अयोग्यता याचिका पर इन सभी विधायकों को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब देने को कहा गया है।

    सुप्रीम कोर्ट में याचिका के बाद तेज हुई कार्रवाई

    यह पूरा घटनाक्रम टीएमसी विधायक सोवनदेब चट्टोपाध्याय द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई उस याचिका के एक दिन बाद सामने आया है, जिसमें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी समेत 10 बागी विधायकों को दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत अयोग्य ठहराने की मांग की गई है। ममता बनर्जी गुट का आरोप है कि इन विधायकों की गतिविधियां पार्टी विरोधी और दल-बदल के दायरे में आती हैं।

    किन 10 विधायकों को थमाया गया है नोटिस?

    विधानसभा सचिवालय द्वारा जिन प्रमुख बागी विधायकों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें निम्नलिखित नाम शामिल हैं:

    • ऋतब्रत बनर्जी (नेता प्रतिपक्ष)

    • अरूप रॉय

    • फिरहाद हकीम

    • संदीपन साहा

    • अखरुज्जमान अंसारी

    • शिउली साहा

    • सबीना यास्मिन

    • बिप्लब मित्रा

    • जावेद खान

    • रथिन घोष

    बागी खेमे की प्रतिक्रिया

    विधानसभा सचिवालय से नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए बागी गुट के नेता अखरुज्जमान अंसारी ने कहा कि पार्टी के भीतर इस पूरे विषय पर व्यापक चर्चा की जाएगी और तय सीमा के भीतर ही अपना आधिकारिक जवाब दाखिल किया जाएगा। वहीं, बागी खेमे के प्रवक्ताओं ने इसे सामान्य विधिक प्रक्रिया करार देते हुए कहा है कि इससे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। बहरहाल, इस कानूनी कदम से राज्य की सियासत में टकराव और अधिक गहरा गया है।

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