मुंबई । हाल ही में मेगा स्टार अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया पर अपने ब्लॉग में खबरों और सामग्री को तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने की प्रवृत्ति पर तीखा व्यंग्य किया। बिग बी ने कहा कि आज के दौर में सबसे पहले खबर देने और ज्यादा ध्यान हासिल करने की होड़ में कई बार मूल बात और सच्चाई को नजरअंदाज कर दिया जाता है। सदी के महानायक ने अपने ब्लॉग में लिखा कि त्योहार के माहौल के बीच वह उन लोगों के घर जा रहे हैं, जिन्होंने अपने यहां गणपति की स्थापना की है। इसी दौरान उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखी बातों के अलग-अलग और अजीब अर्थ निकाले जाने पर भी तंज कसा। उन्होंने संकेत दिया कि कई बार उनकी कही बातों को सही संदर्भ में समझने के बजाय उसे अपनी सुविधा के मुताबिक पेश कर दिया जाता है।
अभिनेता ने खबरों में सबसे पहले आने की बेचैनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि ध्यान और पैसा हासिल करने की होड़ में कुछ लोग बात का गलत अर्थ निकालने से भी पीछे नहीं हटते। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि कभी-कभी खबर देने वालों को भाषा की सही समझ न होने के बावजूद सामग्री को जल्दबाजी में पेश कर दिया जाता है। उनके मुताबिक, किसी घटना या बयान को वास्तविक दिखाने के लिए उसमें ऐसी बातें भी जोड़ दी जाती हैं, जो वास्तव में कभी हुई ही नहीं थीं। अमिताभ ने अपने अंदाज में कहा कि खरीदे गए कंटेंट से उसकी लागत वसूलना भी जरूरी समझा जाता है और इसी कारोबारी सोच में सच्चाई पीछे छूट जाती है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा कि अब वह यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि उनके इसी ब्लॉग की बात को आगे किस तरह तोड़-मरोड़कर पेश किया जाएगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि अब वह आराम करना चाहते हैं।
ब्लॉग के अंत में अमिताभ बच्चन ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर सभी के लिए शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने भगवान गणपति के आशीर्वाद की प्रार्थना करते हुए सभी के जीवन में सुख और संपन्नता की शुभकामना दी। गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस अवसर पर घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। अमिताभ बच्चन भी हर साल इस पर्व के दौरान धार्मिक और सामाजिक भावनाओं से जुड़े संदेश साझा करते रहे हैं। मालूम हो कि मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। वह अक्सर अपने ब्लॉग के जरिए निजी अनुभवों, विचारों और समाज से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय साझा करते रहते हैं।
जल्दबाजी के चक्कर में मूल बात को कर दिया जाता है नजरअंदाज: बिगबी


