मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने अपने कांग्रेस में शामिल होने की तेज होती अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानूनी रूप से दोनों दल अलग जरूर हैं, लेकिन उनकी विचारधारा एक ही है। इसलिए उनके कांग्रेस में जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
बीजेपी नेता के दावे से शुरू हुईं अटकलें
हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधान परिषद सदस्य (MLC) परिणय फुके ने दावा किया था कि रोहित पवार कांग्रेस में शामिल होने का विचार कर रहे हैं। फुके का आरोप था कि पवार ने भंडारा-गोंदिया क्षेत्र का दौरा कर महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले को साधने की कोशिश की थी।
इसके अलावा, हाल के दिनों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सार्वजनिक रूप से रोहित पवार की तारीफ किए जाने से भी इन अफवाहों को हवा मिली थी।
'राहुल गांधी के काम और आक्रामकता से प्रभावित हूं'
संवाददाताओं से चर्चा करते हुए रोहित पवार ने राहुल गांधी और कांग्रेस की कार्यशैली की सराहना की:
विचारधारा की समानता: पवार ने कहा, "मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में मैं जिस विचारधारा के साथ खड़ा हूं, वह कांग्रेस की भी विचारधारा है। हम इंडिया (INDIA) गठबंधन में उद्धव ठाकरे की शिवसेना और कांग्रेस के साथ मजबूती से काम कर रहे हैं।"
नेतृत्व की तारीफ: उन्होंने कहा कि जैसे वह शरद पवार के काम से प्रभावित हैं, वैसे ही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जिस आक्रामकता से जनता के मुद्दे उठा रहे हैं, उससे भी प्रभावित हैं।
बीजेपी के साथ जाने की संभावना को नकारा
एनसीपी (एसपी) के बीजेपी के साथ हाथ मिलाने की चर्चाओं पर भी रोहित पवार ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि शरद पवार अपनी राजनीतिक विचारधारा से कभी समझौता नहीं करेंगे और उनकी पार्टी 100 प्रतिशत बीजेपी के साथ नहीं जाएगी।


