इंदौर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर के गांधी नगर मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 'स्वामित्व योजना' का औपचारिक शुभारंभ किया। इस योजना के तहत राज्य के 50 लाख ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति के मालिकाना हक की मुफ्त रजिस्ट्री दी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान पहली रजिस्ट्री आगर मालवा जिले के बड़ौद निवासी सीताराम को सौंपी गई।
"50 लाख लोगों को अधिकार देना स्वाभिमान का रास्ता": नितिन नवीन
गांधी नगर मैदान में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्य सरकार के इस कदम की सराहना की:
लोकमाता अहिल्याबाई के सुशासन की झलक: उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने 250 वर्ष पूर्व जिस सुशासन और विधवा बहनों को संपत्ति अधिकार देने की सोच की नींव रखी थी, मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार उसी सोच को धरातल पर उतार रही है।
विकास से जुड़ाव: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 140 करोड़ नागरिकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। स्वामित्व योजना का दस्तावेज केवल कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि स्वाभिमान के साथ जीने का आधार है।
विपक्ष पर तीखा हमला: ब्रिक्स सम्मेलन और मानसिकता पर घेरा
भाजपा अध्यक्ष ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष की प्राथमिकताएं जनहित से दूर हैं:
'नेशन फर्स्ट' बनाम 'सेल्फ फर्स्ट': उन्होंने कहा कि हमारी विचारधारा के लिए 'राष्ट्र प्रथम' (Nation First) है, जबकि विपक्ष के लिए 'स्वयं प्रथम' (Self First) और 'राष्ट्र अंतिम' (Nation Last) की सोच रही है।
ब्रिक्स सम्मेलन का जिक्र: दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन पर विपक्ष के बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश की निगाहें सम्मेलन के वैश्विक परिणामों पर थीं, जबकि विपक्ष का ध्यान केवल भोजन के मेन्यू और व्यंजनों की रेसिपी पर अटका रहा।
"50 लाख ग्रामीणों को मिलेगी फ्री रजिस्ट्री": मुख्यमंत्री मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में योजना के फायदों को गिनाते हुए विपक्षी दल कांग्रेस की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया:
ग्रामीणों को भू-स्वामित्व: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के 50 लाख ग्रामीण नागरिकों को उनकी भूमि की मुफ्त रजिस्ट्री उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने इस दिन को होली, दिवाली और दशहरा जैसे उत्सवों के समान बताया।
लाडली बहना योजना पर बयान: कांग्रेस नेताओं के बयानों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल लाडली बहना योजना की आर्थिक सहायता पर भ्रामक और गलत तर्क गढ़ते हैं, जबकि उनकी स्वयं की सरकारों के कार्यकाल में बहनों को कोई सहायता राशि नहीं दी गई।


