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    कम उम्र में कैंसर के बढ़ते मामलों का राज क्या? वैज्ञानिकों को मिला अहम संकेत

    वाशिंगटन। वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक बड़े अध्ययन में खुलासा हुआ है कि नई पीढ़ियों में जैविक रूप से बूढ़ा होने की प्रक्रिया (Biological Aging) पिछली पीढ़ियों की तुलना में तेजी से हो रही है। शोध के अनुसार, जिन लोगों के शरीर में उम्र बढ़ने की गति तेज पाई गई, उनमें 55 वर्ष की उम्र से पहले ठोस कैंसर (Solid Cancer) होने का जोखिम अधिक देखा गया है।

    क्या है 'कालानुक्रमिक' और 'जैविक' उम्र में अंतर?

    वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि जन्म तिथि से गिनी जाने वाली उम्र और शरीर के अंदरूनी अंगों की उम्र में अंतर हो सकता है:

    • कालानुक्रमिक उम्र (Chronological Age): यह किसी व्यक्ति के जन्म के वर्ष से तय होने वाली वास्तविक उम्र है।

    • जैविक उम्र (Biological Age): यह शरीर की कोशिकाओं, ऊतकों और अंगों की स्थिति के आधार पर तय होती है। उदाहरण के लिए, 40 वर्ष की समान आयु वाले दो व्यक्तियों में से एक का शरीर जैविक रूप से युवा हो सकता है, जबकि दूसरे में उम्र बढ़ने के लक्षण अधिक दिख सकते हैं।

    यूके और अमेरिका में शोध के प्रमुख आंकड़े

    अध्ययन में ब्रिटेन के यूके बायोबैंक के 1.54 लाख और अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया:

    • ब्रिटेन के आंकड़े: 1965 से 1974 के बीच जन्मे लोगों में 1950 से 1954 के बीच जन्मे लोगों की तुलना में तेजी से बूढ़ा होने के संकेत ज्यादा मिले।

    • अमेरिकी आंकड़े: 1990 से 1999 के बीच जन्मे युवाओं में 1965 से 1969 के बीच जन्मे लोगों की तुलना में जैविक उम्र बढ़ने के संकेत अधिक स्पष्ट पाए गए।

    कैंसर के जोखिम से संबंध

    जैविक उम्र और 55 वर्ष से कम आयु में होने वाले कैंसर के आंकड़ों में सीधा सांख्यिकीय संबंध दर्ज किया गया है:

    • 15% तक बढ़ा जोखिम: जिन लोगों में जैविक उम्र बढ़ने की रफ्तार सबसे तेज थी, उनमें सबसे कम रफ्तार वाले लोगों की तुलना में ठोस कैंसर का खतरा 15% अधिक पाया गया।

    • अंग-विशिष्ट प्रभाव: कमजोर या अधिक उम्र वाली प्रतिरक्षा प्रणाली का संबंध कम उम्र में फेफड़ों के कैंसर से देखा गया, जबकि वसा ऊतकों (Fat Tissues) की अधिक जैविक उम्र का संबंध आंत के कैंसर से पाया गया।

    बदलती जीवनशैली और पर्यावरणीय कारक

    शोधकर्ताओं के अनुसार, नई पीढ़ियों में तेजी से बढ़ रही जैविक उम्र के पीछे कई कारक एक साथ काम कर रहे हैं:

    • संभावित कारण: मोटापा, खान-पान में बदलाव, शारीरिक गतिविधि की कमी, शराब व नशे का सेवन और मेटाबॉलिज्म की गड़बड़ी।

    • भविष्य की उपयोगिता: आगे के अध्ययनों के बाद, भविष्य में कैंसर की जांच और रोकथाम के लिए केवल वास्तविक उम्र के बजाय व्यक्ति के जैविक जोखिम (Biological Risk) को भी आधार बनाया जा सकेगा।

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