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    भीलवाड़ा नगर वन में निर्माण से ज्यादा पौधारोपण पर जोर, पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू ने दिए सुझाव

    नगर विकास न्यास सचिव को पत्र देकर देशी प्रजातियों के पौधे लगाने की मांग, स्मृति वन की तर्ज पर भ्रमण पथ बनाने का भी सुझाव

    भीलवाड़ा। शहर के पटेल नगर स्थित नगर वन को अधिक हरियालीयुक्त और पर्यावरण के लिहाज से उपयोगी बनाने को लेकर पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू ने नगर विकास न्यास के सचिव सालुंखे गौरव रविन्द्र को पत्र सौंपकर कई सुझाव दिए हैं। उन्होंने नगर वन में अनावश्यक निर्माण कार्यों को सीमित कर व्यापक स्तर पर पौधारोपण और पौधों के संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही है।

    छह वर्ष पहले की मांग से बना था नगर वन

    बाबूलाल जाजू ने कहा कि करीब छह वर्ष पूर्व उनकी मांग पर पटेल नगर में नगर वन का निर्माण किया गया था। उनका सुझाव है कि आने वाले समय में इसे शहर के महत्वपूर्ण हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि नगर वन में स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल देशी प्रजातियों का योजनाबद्ध तरीके से पौधारोपण किया जाना चाहिए। पौधों के बीच करीब पांच-पांच मीटर की दूरी रखकर रोपण करने से भविष्य में क्षेत्र को घने वन का स्वरूप देने में मदद मिल सकती है।

    सीमेंट-कंक्रीट के निर्माण सीमित करने का सुझाव

    पर्यावरणविद् ने नगर वन के विकास में अत्यधिक सीमेंट और कंक्रीट आधारित निर्माण को सीमित करने की जरूरत बताई। उनके अनुसार नगर वन का मुख्य उद्देश्य हरियाली बढ़ाना और लोगों को स्वच्छ एवं प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराना होना चाहिए।

    उन्होंने सुझाव दिया कि उपलब्ध संसाधनों का अधिक हिस्सा पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण और देखभाल पर खर्च किया जाए, ताकि पौधे सुरक्षित रहकर बड़े वृक्षों का रूप ले सकें।

    इन देशी प्रजातियों के पौधे लगाने का सुझाव

    जाजू ने नगर वन में बड़ी संख्या में देशी प्रजातियों के पौधे लगाने का सुझाव दिया है। इनमें नीम, करंज, शीशम, पीपल, बरगद, इमली, बेर, अर्जुन, बहेड़ा और अमरूद जैसी प्रजातियां शामिल हैं।

    उनका कहना है कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल प्रजातियों का योजनाबद्ध पौधारोपण नगर वन को लंबे समय में अधिक घना और पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी बनाने में सहायक हो सकता है।

    स्मृति वन की तर्ज पर भ्रमण पथ बनाने का सुझाव

    नगर वन में लोगों के लिए प्राकृतिक वातावरण के बीच घूमने की सुविधा विकसित करने के लिए स्मृति वन की तर्ज पर भ्रमण पथ बनाने का सुझाव भी दिया गया है।

    इससे आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को हरियाली के बीच समय बिताने और स्वच्छ वातावरण का लाभ मिल सकेगा। साथ ही नगर वन को शहर के प्रमुख हरित स्थलों में विकसित करने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।

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