पाली। पाली नगर निगम में मेयर पद के लिए आज चुनाव की प्रक्रिया संपन्न हो रही है। 65 वार्डों वाले इस नगर निगम में सुबह 10 बजे से पार्षद मतदान कर रहे हैं, जिसके तुरंत बाद वोटों की गिनती कर आज ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इस चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन पूर्ण बहुमत न होने और बागी प्रत्याशी के मैदान में होने के कारण मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से चार कदम दूर
पाली नगर निगम चुनाव के परिणामों में कांग्रेस 29 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि भाजपा के खाते में 21 और निर्दलीयों के खाते में 15 सीटें आई हैं।
बहुमत का गणित: 65 सदस्यीय सदन में बोर्ड बनाने के लिए 33 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। इस लिहाज से कांग्रेस बहुमत से सिर्फ 4 सीट दूर है, वहीं भाजपा के पास 21 पार्षद हैं और उसे बहुमत तक पहुंचने के लिए 12 अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता है।
सुमित्रा जैन, नमिता बुबकिया और राजबाला हिंगड़ के बीच मुकाबला
मेयर पद के लिए मुख्य मुकाबला तीन महिला प्रत्याशियों के बीच है:
कांग्रेस: पार्टी ने वार्ड 34 की पार्षद सुमित्रा जैन को अपना आधिकारिक प्रत्याशी बनाया है।
भाजपा: पार्टी ने वार्ड 33 की पार्षद नमिता बुबकिया को मैदान में उतारा है।
निर्दलीय बागी: कांग्रेस के टिकट पर जीतकर आईं पार्षद राजबाला हिंगड़ पार्टी से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के चलते उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। राजबाला के मैदान में होने से कांग्रेस के वोटों में बंटवारे की पूरी संभावना है।
15 निर्दलीय पार्षदों और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के गृह जिले पर निगाहें
स्पष्ट बहुमत न होने के कारण चुनाव में 15 निर्दलीय पार्षदों का रुख निर्णायक साबित होगा। दोनों ही दल अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ-साथ निर्दलीय पार्षदों को साधने में जुटे हैं। इसके अलावा, यह चुनाव इसलिए भी बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि पाली भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का गृह जिला है। मतदान के बाद आने वाले परिणामों से ही यह साफ हो पाएगा कि 65 सदस्यीय पाली नगर निगम की कमान किसके हाथ जाती है।


