महिला संरक्षण कानूनों से लेकर नशे के दुष्प्रभाव तक समझाए अधिकार, 40 लाभार्थियों को दी गई विधिक जानकारी
कठूमर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अलवर के अध्यक्ष अनंत भंडारी के मार्गदर्शन और सचिव मोहनलाल सोनी के नेतृत्व में सोमवार, 21 सितंबर 2026 को खेरली स्थित भगत सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में मानव तस्करी, व्यावसायिक यौन शोषण के पीड़ितों के अधिकार, साइबर सुरक्षा, नालसा मानव तस्करी एवं व्यावसायिक यौन शोषण के शिकार योजना 2015, नालसा जागरूकता अभियान तथा महिला संरक्षण कानूनों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं संचालनकर्ता के रूप में पीएलवी अनुजा शर्मा उपस्थित रहीं। उन्होंने शिविर में शामिल करीब 40 लाभार्थियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी।
पीड़ितों को निःशुल्क कानूनी सहायता और पुनर्वास की जानकारी
शिविर के दौरान मानव तस्करी एवं व्यावसायिक यौन शोषण के पीड़ितों के लिए उपलब्ध कानूनी सहायता और संरक्षण संबंधी प्रावधानों को समझाया गया। बताया गया कि पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता के साथ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा, पुनर्वास, मुआवजा और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि जरूरतमंद और पीड़ित व्यक्तियों को न्याय तक पहुंच दिलाने के लिए आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में उचित कानूनी सहायता लेने का आह्वान किया गया।
साइबर सुरक्षा को लेकर भी किया जागरूक
कार्यक्रम में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच साइबर सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उपस्थित लोगों को ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने, अपनी निजी और गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखने तथा किसी संदिग्ध गतिविधि या ठगी की स्थिति में समय पर शिकायत करने के प्रति जागरूक किया गया।
नशे से दूर रहने का दिया संदेश
नालसा के जागरूकता अभियान के अंतर्गत नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने और युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में संदेश दिया गया कि नशे को ना कहें, अपने सपनों को हाँ कहें। नशा कोई समाधान नहीं है।
अधिकारों के प्रति जागरूक करना शिविर का उद्देश्य
विधिक जागरूकता शिविर का उद्देश्य समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना तथा उन्हें उपलब्ध विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि भविष्य में भी लोगों तक कानून और विधिक सहायता की जानकारी पहुंचाने के लिए ऐसे जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।
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