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    गरबा पार्टनर के नाम पर पैकेज ऑफर करने वाली पोस्ट पर विवाद, विधायक ने जताई आशंका

    मुंबई। नवरात्रि पर्व से ठीक पूर्व सोशल मीडिया मंचों पर सामने आए 'रेंट ए गरबा पार्टनर' (किराए पर गरबा साथी) संबंधी विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस विज्ञापन में निश्चित शुल्क के बदले गरबा खेलने हेतु साथी उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती से मुलाकात कर लिखित शिकायत दर्ज कराई है तथा पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। जनप्रतिनिधि ने आशंका व्यक्त की है कि इस प्रकार के विज्ञापनों के माध्यम से आम नागरिकों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग या अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सकता है।

    सोशल मीडिया पर प्रसारित विज्ञापन और शुल्क व्यवस्था

    बोरीवली स्थित अपने सेवालय कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान संजय उपाध्याय ने बताया कि इंस्टाग्राम पर 'रेंट ए गरबा पार्टनर' नाम से एक प्रचार सामग्री प्रसारित की जा रही है। उनके अनुसार, इस विज्ञापन में समय-सीमा और श्रेणियों के आधार पर अलग-अलग शुल्क तय किए गए हैं:

    • सिल्वर श्रेणी: एक घंटे के लिए ₹1,000 शुल्क निर्धारित किया गया है।

    • गोल्ड एवं प्लेटिनम श्रेणी: एक घंटे के लिए क्रमशः ₹1,500 तथा ₹2,000 के पैकेज का दावा किया गया है।

    • विस्तारित पैकेज: विज्ञापन में दो से तीन घंटे से लेकर पूर्ण 24 घंटे तक के लिए साथी उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

    24 घंटे की सेवा के दावे पर उठे गंभीर प्रश्न

    संजय उपाध्याय ने इस बात पर कड़ा एतराज जताया कि आखिर किस प्रकार के धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजनों में पैसों के बदले साथी उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से 24 घंटे तक साथी मुहैया कराने के दावे पर प्रश्न खड़े करते हुए कहा कि इसमें इस्तेमाल की गई शब्दावली आम लोगों को आकर्षित कर किसी आपराधिक साजिश में फंसाने की मंशा दर्शाती है।

    वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराध की आशंका

    विधायक ने आशंका व्यक्त की कि इस विज्ञापन के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो युवाओं और नागरिकों को लालच देकर बाद में उनसे अवैध वसूली, ब्लैकमेलिंग या साइबर ठगी जैसी गतिविधियों को अंजाम दे सकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस विज्ञापन को प्रसारित करने वाले व्यक्तियों एवं इसके पीछे के नेटवर्क की पहचान कर सख्त साइबर जांच कराने का आग्रह किया है।

    दूरभाष क्रमांकों एवं वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की मांग

    संजय उपाध्याय ने पुलिस विभाग और साइबर सेल से विज्ञापन के मूल स्रोत, उससे संबद्ध मोबाइल नंबरों, सोशल मीडिया प्रोफाइल तथा संभावित वित्तीय लेन-देन के खातों की गहनता से पड़ताल करने की मांग की है।

    उन्होंने कहा कि नवरात्रि सनातन परंपरा का एक अत्यंत पवित्र एवं महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें संपूर्ण परिवार, महिलाएं व बच्चे श्रद्धापूर्वक भाग लेते हैं। ऐसे में इस प्रकार के भ्रामक और अनैतिक विज्ञापनों का प्रसार चिंताजनक है। उन्होंने मांग की है कि जांच में किसी भी प्रकार की आपराधिक संलिप्तता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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