मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को कड़ी चेतावनी दी है। अदालत ने माल्या को निर्देश दिया है कि कानूनी मामला लंबित रहने के दौरान वे कोर्ट से जुड़े दस्तावेजों को सोशल मीडिया पर साझा करने से पूरी तरह बचें।
ईडी द्वारा कोर्ट में दी गई जानकारी
सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) के वकील आशीष मेहता ने न्यायमूर्ति मिलिंद जाधव की पीठ को बताया कि माल्या की याचिका के जवाब में जांच एजेंसी ने गत 8 सितंबर को अपना हलफनामा दायर किया था और उसी दिन उसकी प्रति माल्या की कानूनी टीम को भी सौंप दी गई थी। इस मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को तय थी, लेकिन माल्या ने तय तारीख से पहले ही 8 सितंबर की शाम को उक्त हलफनामा अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर सार्वजनिक कर दिया।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस मिलिंद जाधव ने माल्या के वकील अमित देसाई से कड़े शब्दों में कहा, "यह बिल्कुल भी अच्छा व्यवहार नहीं है। यह एक गंभीर मामला है। कृपया उन्हें (माल्या को) भविष्य में ऐसा दोबारा न करने की सख्त चेतावनी दें। यदि उन्हें कुछ भी प्रस्तुत करना है, तो वे अदालत के माध्यम से कर सकते हैं।"
अदालत ने आगे कहा, "कृपया अपने मुवक्किल को समझाएं कि यह तरीका बिल्कुल सही नहीं है। इस तरह की हरकतों से अदालत की कार्यवाही और उसकी गरिमा कम होती है।"


