बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच आयुर्वेद को बताया स्वस्थ भविष्य की राह, कार्यशाला में सैकड़ों विद्यार्थियों ने लिया स्वस्थ जीवन का संकल्प
अलवर। 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मंगलवार को शहर के बाल भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय एवं ओसवाल जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद विषय पर जनजागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन विश्व आयुर्वेद परिषद राजस्थान के प्रदेश महासचिव एवं जिला आयुर्वेद चिकित्सालय अलवर के वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. पवन सिंह शेखावत द्वारा किया गया।
कार्यशाला में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. शेखावत ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याएं पूरी दुनिया के सामने चुनौती बन रही हैं। ऐसे समय में आयुर्वेद स्वस्थ भविष्य की राह दिखाने वाली महत्वपूर्ण जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों की चिकित्सा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की समग्र कला है।
अनियमित दिनचर्या और खानपान पर जताई चिंता
डॉ. शेखावत ने कहा कि युवाओं में जंक फूड के बढ़ते सेवन, मोबाइल के अत्यधिक उपयोग और अनियमित दिनचर्या के कारण जीवनशैली से जुड़े रोगों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित दिनचर्या अपनाने और खानपान में संतुलन रखने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने आयुर्वेद के स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम् सिद्धांत को समझाते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना आयुर्वेद का प्रमुख उद्देश्य है। बीमारी होने के बाद उपचार करने के साथ-साथ बीमारी से बचाव और स्वास्थ्य संरक्षण पर भी ध्यान देना जरूरी है।
विद्यार्थियों को बताए स्वस्थ जीवन के पांच सूत्र
कार्यशाला के दौरान डॉ. शेखावत ने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन के पांच प्रमुख सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि इन आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
इनमें ब्रह्म मुहूर्त में जागरण, संतुलित एवं सात्विक आहार, नियमित योग-प्राणायाम, रसोई में उपलब्ध औषधीय पदार्थों का उचित उपयोग तथा सकारात्मक आचरण एवं विचार शामिल हैं।
उन्होंने हल्दी, तुलसी, आंवला और अदरक जैसे पारंपरिक खाद्य एवं औषधीय पदार्थों के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही आचार रसायन के माध्यम से सकारात्मक सोच, अच्छे व्यवहार और संतुलित जीवनशैली के महत्व को समझाया।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लिया संकल्प
डॉ. शेखावत ने विद्यार्थियों से इन सूत्रों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण की शुरुआत बच्चों और युवाओं से होती है। यदि विद्यार्थी अभी से अपनी दिनचर्या, खानपान और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाते हैं तो इसका लाभ उनके पूरे जीवन में मिल सकता है।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय एवं विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने आयुर्वेद आधारित जीवनशैली अपनाकर स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन जीने का संकल्प लिया।
संस्थान प्रशासन ने जताया आभार
महाविद्यालय एवं विद्यालय प्रशासन ने डॉ. शेखावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के बीच स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम उनके सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम में बाल भारती संस्थान के निदेशक रोहिताश मित्तल, शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रूप राम यादव, डॉ. विभा शर्मा, डॉ. कमलेश शर्मा, डॉ. वैजयंती शर्मा, डॉ. कविता वर्मा, डॉ. कुसुम गुप्ता, डॉ. कमलेश सैनी एवं उमेश गांधी सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
वहीं ओसवाल पब्लिक स्कूल के निदेशक विनोद शर्मा, श्री ओसवाल जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्या मोना दुबे, ओसवाल पब्लिक स्कूल की प्राचार्या रेखा मिश्रा सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ और सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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