भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ अपने आपसी संबंधों पर खुलकर विचार साझा किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोहित के साथ उनका संबंध महज एक कप्तान और कोच का नहीं है। दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे को काफी लंबे समय से जानते हैं और साथ में क्रिकेट खेलने के कारण एक-दूसरे की खेल भावना तथा सोच से भली-भांति परिचित हैं। गंभीर और रोहित एक बार फिर भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में साथ मिलकर रणनीति बनाते दिखेंगे। भारतीय टीम अपने घरेलू सत्र की शुरुआत रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के प्रथम मुकाबले से करेगी।
'रोहित मेरी सोच जानते हैं, मैं उनकी सोच जानता हूं'
गंभीर ने बताया कि रोहित के साथ उनका जुड़ाव उस समय शुरू हुआ था जब वह स्वयं टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी के रूप में खेलते थे। उन्होंने कहा, 'रोहित और मेरा संबंध सिर्फ कप्तान और कोच के दायित्वों तक सीमित नहीं है। जब रोहित ने राष्ट्रीय टीम में कदम रखा था, तब मैं एक सीनियर खिलाड़ी था। इस कारण हमारा संपर्क उसी दौर से है। रोहित मुझे काफी समय से समझते हैं। जब आप साथ में खेल चुके होते हैं, तो तालमेल बैठाना बेहद सहज हो जाता है। वह मेरी कार्यशैली को समझते हैं और मैं उनकी सोच को भली-भांति जानता हूं।'
गंभीर ने यह भी कहा कि मुख्य कोच और कप्तान की व्यक्तिगत राय में भिन्नता हो सकती है, परंतु अंतिम निर्णय सदैव टीम के कल्याण को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। उन्होंने आगे जोड़ा, 'भविष्य में मेरी और कप्तान की सोच अलग हो सकती है, लेकिन अंततः जो भी निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाए, यदि वह टीम के हित में है तो उससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।'
चार प्रमुख कप्तानों के साथ मार्गदर्शन का अनुभव
जुलाई 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच का पदभार ग्रहण करने के उपरांत गंभीर ने अब तक चार अलग-अलग कप्तानों के साथ काम किया है। इस सूची में रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल का नाम शामिल है। गंभीर ने इन सभी कप्तानों के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर सदैव टीम के हितों को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा, 'मैंने अब तक चार कप्तानों—रोहित, सूर्या, शुभमन और श्रेयस के साथ काम किया है। इन सभी खिलाड़ियों की पहली प्राथमिकता हमेशा टीम की सफलता रही है। मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे ऐसे चार प्रतिभावान नेतृत्वकर्ताओं के साथ कार्य करने का अवसर मिला, जिन्होंने हमेशा स्वयं से ऊपर टीम को स्थान दिया।'
श्रेयस और शुभमन की प्रतिभा की सराहना
गंभीर ने रेखांकित किया कि रणनीतियों, विचारों और खेल के प्रति नजरिए में भिन्नता होना स्वाभाविक है, लेकिन नीयत का सही होना अनिवार्य है। उन्होंने श्रेयस अय्यर के साथ अपने पुराने अनुभवों का स्मरण करते हुए बताया कि वह आईपीएल में उनके साथ काम कर चुके हैं। वर्ष 2018 में दिल्ली की कमान सौंपते समय ही उन्होंने श्रेयस में बेहतरीन नेतृत्व क्षमता देख ली थी। उन्होंने कहा, 'मैंने श्रेयस के साथ पहले भी काम किया है। जब 2018 में उन्हें कप्तानी सौंपी गई थी, तभी उनकी नेतृत्व क्षमता उजागर हो गई थी। अब पुनः उनके साथ काम करने का अवसर मिला है। वहीं शुभमन अभी युवा और ऊर्जावान हैं।'
शुभमन गिल के संदर्भ में गंभीर ने कहा कि इंग्लैंड दौरे जैसे कठिन मंच पर पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में कप्तानी करना उनके लिए एक बड़ी परीक्षा थी। उन्होंने कहा, 'जब किसी युवा खिलाड़ी को इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट मैचों में नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी जाती है, तो यह परीक्षा की घड़ी होती है। लेकिन शुभमन ने जिस परिपक्वता के साथ टेस्ट प्रारूप में टीम की कमान संभाली, वह प्रशंसनीय है। मुझे पूरा विश्वास है कि आगामी वर्षों में शुभमन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देश के सामने आएगा।'


