बड़ौदामेव वारदात पर सरकार को घेरा, पुलिस के कामकाज पर उठाए सवाल और तत्काल एसआईटी जांच की मांग
अलवर। बड़ौदामेव में पुलिस थाने के मुख्य गेट के सामने युवक की हत्या की घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। जूली ने कहा कि थाने के ठीक सामने दिनदहाड़े हुई हत्या की घटना कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोग कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने मामले में आरोपी को हिरासत में लिया है।
टीकाराम जूली ने कहा कि अब चुनाव खत्म हो चुके हैं और पुलिस को अपने मूल दायित्व पर लौटते हुए अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को सरकार की हाजिरी भरने के बजाय आमजन की सुरक्षा और अपराध पर अंकुश लगाने को प्राथमिकता देनी चाहिए।
जूली ने कहा कि जब पुलिस थाने के मुख्य गेट के सामने ही युवक पर हमला कर उसकी जान चली जाए, तो आम आदमी की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने सरकार से इस मामले में जवाब मांगते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था को केवल दावों से नहीं, बल्कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई से परखा जाना चाहिए।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश
बड़ौदामेव में हुई घटना में मृतक की पहचान सेकून खान के रूप में हुई है। उपलब्ध पुलिस संबंधी रिपोर्टों के अनुसार आरोपी को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद मृतक के परिजन और स्थानीय लोग अलवर जिला अस्पताल तथा बड़ौदामेव थाने के बाहर जुटे और कार्रवाई की मांग की।
रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने मामले में कठोर कार्रवाई और विशेष जांच दल गठित करने सहित विभिन्न मांगें उठाईं। कुछ रिपोर्टों में अलवर-भरतपुर मार्ग पर जाम लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
जूली ने कहा कि घटना ने लोगों के बीच भय और आक्रोश पैदा किया है। उन्होंने मृतक परिवार की मांगों पर संवेदनशीलता से निर्णय लेने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
एसआईटी जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मामले में तत्काल विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना की त्वरित और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और जवाबदेही की भी जांच की मांग की। जूली के अनुसार, घटना के पूरे क्रम और पुलिस की प्रतिक्रिया को जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए, ताकि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जा सके।
जूली ने सरकार पर लगाए आरोप
टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अपराधियों के हौसले बढ़े हैं और पुलिस व्यवस्था पर राजनीतिक दबाव का असर पड़ रहा है। ये जूली के राजनीतिक आरोप हैं; उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस ने घटना की जांच और आरोपी से पूछताछ की पुष्टि की है, लेकिन जूली द्वारा लगाए गए व्यापक राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इन स्रोतों में नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस थाने के सामने ही अपराध हो जाए तो आम नागरिक सुरक्षा के लिए किस पर भरोसा करे। उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार से कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।
जूली ने राजस्थान की कानून-व्यवस्था की तुलना उत्तर प्रदेश और बिहार से किए जाने वाला अपना राजनीतिक आरोप भी दोहराया। यह उनकी राजनीतिक टिप्पणी है, न कि स्वतंत्र रूप से सत्यापित निष्कर्ष।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी स्थिति
बड़ौदामेव की घटना में पुलिस की जांच जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वारदात के पीछे की परिस्थितियों, आरोपी और मृतक के बीच विवाद तथा घटना के दौरान पुलिस की मौजूदगी से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।
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