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    सीहोर और रायसेन में रिश्वत की शिकायतों पर कार्रवाई, दो विपणन अधिकारी सस्पेंड

    सीहोर। मध्य प्रदेश में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विगत दो दिनों के भीतर भ्रष्टाचार के विरुद्ध दूसरा बड़ा कदम उठाया है। रिश्वतखोरी के मामलों में कड़ा संज्ञान लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने कृषि विभाग के दो विपणन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों पर वेयरहाउस संचालकों से अवैध धनराशि की मांग करने का आरोप है।

    अधिकारियों द्वारा वेयरहाउस संचालकों से रिश्वत की मांग

    राज्य के दो भिन्न जिलों में वेयरहाउस संचालकों से अवैध राशि मांगने का प्रकरण संज्ञान में आया था। कृषि विपणन अधिकारी नीरज वर्मा ने सीहोर जिले के वेयरहाउस संचालकों से 50-50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसी प्रकार, रायसेन के विपणन अधिकारी संदीप दीदावत ने वेयरहाउस संचालकों से 60-60 हजार रुपये की अनुचित मांग की थी। इन दोनों मामलों की शिकायतें सीधे केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंचाई गईं।

    शिकायत प्राप्त होते ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा रुख अपनाते हुए विपणन अधिकारी नीरज वर्मा और संदीप दीदावत को अविलंब निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।

    अनुदान राशि स्वीकृत करने के एवज में मांगी गई थी राशि

    सीहोर और रायसेन दोनों ही स्थानों पर अधिकारियों द्वारा वेयरहाउस संचालकों से शासकीय अनुदान (सब्सिडी) की राशि जारी करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। रायसेन के अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस संचालक से इस राशि की मांग की थी, जिसके पश्चात यह मामला केंद्रीय मंत्री के संज्ञान में लाया गया।

    विगत दिनों में पूर्व अधिकारी पर भी हुई थी कार्रवाई

    उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व भी केंद्रीय कृषि मंत्री ने रिश्वतखोरी के एक अन्य मामले में विपणन अधिकारी अनुराग को निलंबित किया था। सीहोर और रायसेन क्षेत्र शिवराज सिंह चौहान का संसदीय व गृह क्षेत्र रहा है, जिससे स्थानीय नागरिक उनसे सीधे संपर्क में रहते हैं और शिकायतों पर त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिल रही है।

    प्रशासनिक सतर्कता और आगामी कदम

    विभाग द्वारा भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है ताकि शासकीय योजनाओं और अनुदानों का लाभ पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों तक पहुंच सके।

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