श्रमिकों के अधिकार, न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की दी जानकारी, विधिक सहायता के बारे में भी बताया
मुंडावर। तालुका के ग्राम पेहल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विशाल विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष, जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास के निर्देशन में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को श्रमिकों के अधिकारों, श्रम कानूनों और विभिन्न विधिक प्रावधानों की जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अजीत कुड़ी ने शिविर में ग्रामीणों को श्रमिकों के मूल अधिकारों, न्यूनतम मजदूरी के अधिकार, कार्य के निर्धारित घंटों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से जुड़े प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
श्रमिकों को अधिकारों के प्रति जागरूक किया
शिविर में बताया गया कि श्रमिकों को अपने कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी होना आवश्यक है। ग्रामीणों को श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकारों तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया गया।
इसके साथ ही ग्रामीणों को पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए उपलब्ध कानूनी विकल्पों के बारे में भी बताया गया। मध्यस्थता की प्रक्रिया तथा लोक अदालत के माध्यम से विवादों के सरल एवं त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में बताया गया। साथ ही जरूरतमंद लोगों को विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान डीएलएसए कार्यालय में कार्यरत पीएलवी राहुल कुमार, पवन कुमार एवं नरेश शर्मा सहित ग्राम सरपंच मुकेश, आशा देवी, पटवारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में उपलब्ध विधिक सहायता का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
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