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    Homeराजस्थानअलवरमोती डूंगरी के कायाकल्प और पर्यटन विकास की उठी मांग

    मोती डूंगरी के कायाकल्प और पर्यटन विकास की उठी मांग

    सुरक्षा, रोशनी और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की दरकार; झुकी झाड़ियों की छंटाई, फूड चौपाटी और नियमित पुलिस गश्त की मांग

    अलवर। शहर के प्रमुख धार्मिक एवं रमणीक स्थलों में शामिल मोती डूंगरी के समुचित विकास, सुरक्षा और सौंदर्यीकरण की मांग उठी है। सामाजिक कार्यकर्ता मनीष दुरेजा ने जिला प्रशासन से मोती डूंगरी परिसर और वहां तक पहुंचने वाले मार्ग की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए त्वरित कदम उठाने की मांग की है।

    दुरेजा ने कहा कि मोती डूंगरी स्थित शिव-हनुमान मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इसके बावजूद परिसर में बुनियादी सुविधाओं और नियमित देखरेख की कमी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सुनियोजित विकास के माध्यम से मोती डूंगरी को सुरक्षित, स्वच्छ और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है।

    उन्होंने मोती डूंगरी की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क की ओर झुकी पेड़-पौधों की शाखाओं और झाड़ियों की वैज्ञानिक तरीके से छंटाई कराने की मांग की। उनका कहना है कि झाड़ियां और पेड़ रास्ते की दृश्यता प्रभावित करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

    उन्होंने डूंगरी के ऊपर स्थित पार्क क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कराने की भी मांग की। दुरेजा के अनुसार, शाम के समय रोशनी का अभाव होने से पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। ऐसे में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा तथा सुरक्षा के लिए पर्याप्त लाइटें लगाई जानी चाहिए।

    मैदान को विकसित करने की मांग

    दुरेजा ने डूंगरी के शीर्ष पर स्थित बड़े मैदान का बेहतर उपयोग करने का सुझाव देते हुए इसे फूड चौपाटी अथवा हाट बाजार के रूप में विकसित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यहां स्थानीय उत्पादों और खाद्य पदार्थों के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाए तो इससे पर्यटकों को सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय युवाओं तथा छोटे कारोबारियों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

    राष्ट्रीय ध्वज के स्थायी रखरखाव पर जोर

    उन्होंने परिसर में लगे राष्ट्रीय ध्वज के वर्षभर सम्मानपूर्वक रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की। उनका कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज केवल राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर ही नजर आता है। प्रशासन को इसके स्थायी रखरखाव और सम्मानजनक प्रदर्शन के लिए नियमित व्यवस्था करनी चाहिए।

    नियमित पुलिस गश्त की मांग

    दुरेजा ने शाम और रात के समय मोती डूंगरी क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार वाहनों और खुले में शराब व बीयर के सेवन जैसी अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी जरूरी है, ताकि परिवारों के साथ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

    उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन इन बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करे तथा मोती डूंगरी का सुनियोजित विकास किया जाए, तो यह स्थल अलवर के पर्यटन मानचित्र पर और अधिक महत्वपूर्ण आकर्षण के रूप में विकसित हो सकता है।

    मनीष दुरेजा शहर में जनसमस्याओं, नागरिक सुविधाओं और शहरी सुधार से जुड़े मुद्दों को लेकर समय-समय पर अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखते रहे हैं। वे विभिन्न नागरिक पहलों और सामाजिक मंचों के माध्यम से यातायात सुरक्षा, जनसुविधाओं और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं।

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