राष्ट्रीय सम्मेलन में पत्रकारिता को समाज की दिशा देने वाला माध्यम बताते हुए सत्य और जनकल्याणकारी खबरों पर जोर
रायपुर। पहली बार राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से जैन पत्रकारों ने भाग लिया। सम्मेलन में जैन समाज की पहचान, पत्रकारिता की भूमिका, सामाजिक सरोकारों तथा जनगणना में जैन पहचान दर्ज कराने सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में जैन पत्रकार महासंघ से जुड़े पत्रकारों के साथ आचार्य एवं संतों के सानिध्य में पत्रकारिता और समाज के बीच संबंधों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों के प्रसारण का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने और सकारात्मक वातावरण बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
जनगणना में जैन पहचान दर्ज कराने की अपील
सम्मेलन में वक्ताओं ने आगामी जनगणना के संदर्भ में जैन समाज के लोगों से अपनी धार्मिक पहचान जैन के रूप में दर्ज कराने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि जनगणना में समुदाय की वास्तविक संख्या और पहचान सामने आना महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में जैन समाज की धार्मिक एवं सामाजिक पहचान को लेकर भी चर्चा हुई।
पत्रकारिता को समाज की दिशा देने वाला माध्यम बताया
भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. बलदेव राज गुप्ता ने पत्रकारिता को देश का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य समाज को सही दिशा देना भी है। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से सामाजिक सरोकारों और जनहित के विषयों को प्रमुखता से सामने लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के माध्यम से समाज के सामने सकारात्मक विचार और महत्वपूर्ण मुद्दे रखे जा सकते हैं। सम्मेलन में पत्रकारिता को सत्य के दर्शन कराने वाला माध्यम बताते हुए इसकी जिम्मेदारी पर भी चर्चा हुई।
मुनि पुनीत सागर महाराज ने जनकल्याणकारी खबरों पर दिया जोर
सम्मेलन में मुनि श्री पुनीत सागर महाराज ने पत्रकारों से ऐसी खबरें लिखने का आह्वान किया, जिससे सभी का कल्याण हो। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में सत्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। ऐसी खबरों से बचना चाहिए जिनसे समाज में हिंसा, वैमनस्य या तनाव बढ़े। उन्होंने पत्रकारों को सकारात्मक एवं समाजोपयोगी पत्रकारिता के माध्यम से जनहित के मुद्दों को सामने लाने की बात कही।
सत्य कहने के लिए निर्भय होना जरूरी
मुनि श्री आगम सागर महाराज ने पत्रकारिता में सत्य को सामने रखने के लिए निर्भयता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को परिस्थितियों में सत्य बोलने और समाज के सामने वास्तविकता रखने का साहस रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज में जागरूकता पैदा करने और सही दिशा दिखाने का माध्यम है। इसलिए पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए सत्य एवं तथ्यपरक समाचारों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
देशभर से आए पत्रकारों को संवाद का अवसर
राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन में देश के अलग-अलग राज्यों से आए पत्रकारों को आपस में संवाद और विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिला। सम्मेलन में जैन धर्म, धार्मिक स्थलों एवं संस्थाओं के संरक्षण-संवर्धन में मीडिया की भूमिका तथा समाज के मुद्दों को सामने लाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में जैन पत्रकार महासंघ के पदाधिकारियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए पत्रकारों की सहभागिता रही। सम्मेलन के माध्यम से पत्रकारों के बीच संपर्क और संवाद को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र जैन महावीर सनावद राष्ट्रीय प्रचार मंत्री महेंद्र बैराठी जयपुर से सुरेंद्र प्रकाश जैन सुरेंद्र कुमार प्रजातियां मनोज सोगानी एवं विभिन्न प्रांतो से सैकड़ो की संख्या में जैन पत्रकार उपस्थित हुए
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


