पर्यटन सत्र शुरू होते ही सरिस्का में बढ़ी रौनक, विदेशी मेहमानों ने भी की जंगल सफारी
अलवर। तीन माह के मानसून अवकाश के बाद सरिस्का टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया गया। पार्क खुलते ही सफारी के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। इनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल रहे। सरिस्का के दोबारा खुलने के साथ ही पर्यटन क्षेत्र में रौनक लौट आई।
पर्यटन सत्र के शुभारंभ के अवसर पर सरिस्का के फील्ड डायरेक्टर संग्राम सिंह ने फीता काटकर सफारी सत्र की शुरुआत की। इस दौरान सरिस्का पहुंचने वाले पर्यटकों का तिलक लगाकर एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया।
एक महीने की सफारी बुकिंग पूरी
फील्ड डायरेक्टर संग्राम सिंह ने बताया कि तीन माह बाद सरिस्का का दोबारा खुलना उत्साहजनक है। उन्होंने बताया कि आगामी एक महीने की सफारी की बुकिंग पूरी हो चुकी है, जबकि एडवांस बुकिंग लगातार जारी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में सरिस्का में कुल 56 बाघ हैं। इनमें 28 वयस्क बाघ और करीब 28 शावक शामिल हैं। पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। टॉयलेट, पार्किंग और पर्यटकों के बैठने सहित अन्य व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है।
नया इंटरप्रिटेशन सेंटर निर्माणाधीन
सरिस्का में पर्यटकों के लिए नया इंटरप्रिटेशन सेंटर भी तैयार किया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य जारी है और करीब तीन से चार महीने में इसके पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद पर्यटक जंगल सफारी के साथ सरिस्का की जैव विविधता, वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदा के बारे में भी विस्तृत जानकारी हासिल कर सकेंगे।
तितलियों की 71 प्रजातियां हुईं दस्तावेजीकृत
फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि पिछले वर्ष सरिस्का में तितलियों का सर्वे कराया गया था। इस सर्वे में करीब 71 प्रजातियों को दस्तावेजीकृत किया गया। इस वर्ष रैप्टर यानी शिकारी पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों का सर्वे कराने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके अलावा सरिस्का की जैव विविधता में शामिल ऐसी वन्यजीव एवं वनस्पति प्रजातियों को भी दस्तावेजीकृत करने का प्रयास किया जाएगा, जिनका अब तक पर्याप्त रिकॉर्ड तैयार नहीं हुआ है।
वन्यजीव और वनस्पतियों पर तैयार होगी बुकलेट
संग्राम सिंह ने बताया कि सरिस्का की वनस्पतियों और वन्यजीवों से जुड़ी जानकारी पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए चित्रों पर आधारित एक नई बुकलेट तैयार करने की योजना है। इसमें सरिस्का की प्रमुख वनस्पतियों, वन्यजीवों और जैव विविधता से संबंधित जानकारी शामिल की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बुकलेट के माध्यम से पर्यटक जंगल सफारी के दौरान दिखाई देने वाली प्राकृतिक एवं वन्यजीव संपदा को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।
बाघों के वितरण पर भी रहेगा ध्यान
फील्ड डायरेक्टर ने कहा कि सरिस्का में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में उनका वितरण भी महत्वपूर्ण है। पर्यटन क्षेत्रों में बाघों की मौजूदगी बढ़ने से पर्यटकों को वन्यजीव देखने के अधिक अवसर मिल सकते हैं।
उन्होंने बताया कि भविष्य में यदि नए क्षेत्रों को पर्यटन के लिए खोला जा सका तो उन्हें भी खोलने का प्रयास किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को सरिस्का के अलग-अलग इलाकों और वहां मौजूद वन्यजीवों को देखने का अवसर मिल सके।
विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी से बढ़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान
पहले दिन विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी को लेकर संग्राम सिंह ने कहा कि अलग-अलग देशों से आने वाले पर्यटकों के कारण सरिस्का की जैव विविधता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है।
उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों का सरिस्का पहुंचना इस बात को दर्शाता है कि यहां की प्राकृतिक एवं वन्य संपदा देश के साथ-साथ विदेशों से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करती है।
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