वाहन स्वामियों को योजना की जानकारी देकर मौके पर कराया पंजीयन, प्रदूषण प्रमाण पत्र को लेकर भी किया जागरूक
अलवर। परिवहन विभाग की ओर से केंद्र सरकार की परिवर्तन योजना के प्रति वाहन स्वामियों को जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को जेएस फोरव्हील परिसर में परिवर्तन मेले का आयोजन किया गया। मेले में योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इस दौरान वाहन स्वामियों, ट्रांसपोर्ट वाहन संचालकों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को योजना के प्रावधानों और मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई।
पुराने वाहनों को नए वाहनों में बदलने पर जोर
जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती सविता भारद्वाज ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वाहन जनित प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से परिवर्तन योजना लागू की गई है। इसके तहत बीएस-4 एवं उससे निम्न मानकों वाले ट्रक और बसों को नए बीएस-6, विद्युत अथवा सीएनजी वाहनों में बदलने तथा बीएस-3 एवं उससे निम्नतर मानकों वाले पुराने वाहनों को वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने वाहन स्वामियों से योजना के प्रति जागरूक रहने और पात्रता के अनुसार इसका अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
कर और पंजीयन शुल्क में शत-प्रतिशत छूट
मेले में वाहन स्वामियों को योजना के तहत मिलने वाले विभिन्न लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार योजना में मोटर वाहन कर एवं पंजीयन शुल्क में शत-प्रतिशत छूट, वाहन ऋण में 5 प्रतिशत की छूट, प्रतिमाह ईंधन कूपन, पुराने वाहन पर बकाया कर में छूट तथा वाहन निर्माता की ओर से वाहन की कीमत में 8 प्रतिशत की छूट का प्रावधान बताया गया।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में संचालित बीएस-4 एवं उससे निम्नतर मानकों वाले वाहनों के स्वामियों को योजना के तहत पंजीयन करवाकर पुराने वाहन को बेचने अथवा स्क्रैप करने और नया वाहन खरीदने की प्रक्रिया अपनाकर योजना का लाभ उठाना चाहिए।
मेले में मौके पर हुआ पंजीयन
परिवर्तन मेले में उपस्थित वाहन स्वामियों के पात्र वाहनों का योजना के अंतर्गत मौके पर ही पंजीयन किया गया। इससे वाहन स्वामियों को योजना की प्रक्रिया को समझने और आवेदन संबंधी जानकारी प्राप्त करने में सुविधा मिली।
एक अक्टूबर से लागू हुआ ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम
परिवहन विभाग की ओर से मेले के दौरान ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम के बारे में भी आमजन को जागरूक किया गया। वाहन स्वामियों को बताया गया कि 1 अक्टूबर 2026 से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में संचालित ईंधन केंद्रों पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को ईंधन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों से अपने वाहनों का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बनवाने की अपील की, ताकि ईंधन भरवाने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान परिवहन निरीक्षक प्रदीप चौधरी, जेएस फोरव्हील के निदेशक ऋषभ सांघी, मुकेश शर्मा, यश अरोड़ा, राकेश जैन सहित वाहन स्वामी, शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि और ट्रांसपोर्ट वाहन संचालक मौजूद रहे।
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