नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो से हवाई यात्रा करना महंगा हो गया है। विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में लगातार हो रही भारी बढ़ोतरी के चलते एयरलाइन ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के फ्यूल सरचार्ज में संशोधन कर दिया है। नए और बढ़े हुए शुल्क 6 अक्टूबर की रात 12:01 बजे से प्रभावी हो चुके हैं, जो केवल नई बुकिंग पर लागू होंगे।
घरेलू उड़ानों पर नया फ्यूल चार्ज (दूरी के आधार पर)
एटीएफ के दाम बढ़ने के कारण घरेलू रूटों पर प्रति सेक्टर लगने वाले फ्यूल चार्ज में 100 रुपये से 350 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। अब दूरी के हिसाब से यात्रियों को निम्नलिखित अतिरिक्त शुल्क देना होगा:
0 से 500 किमी: 375 रुपये (पहले 275 रुपये)
501 से 1,000 किमी: 600 रुपये (पहले 400 रुपये)
1,001 से 1,500 किमी: 900 रुपये (पहले 600 रुपये)
1,501 से 2,000 किमी: 1,150 रुपये (पहले 800 रुपये)
2,000 किमी से अधिक: 1,300 रुपये (पहले 950 रुपये)
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए संशोधित शुल्क
अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी गंतव्य की दूरी और क्षेत्र के आधार पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाए गए हैं, जो 1,000 रुपये से शुरू होकर अधिकतम 10,000 रुपये तक तय किए गए हैं:
सार्क (SAARC) देश (500 किमी तक): 1,000 रुपये
सार्क देश (501 किमी या उससे अधिक): 3,000 रुपये
दक्षिण-पूर्व एशिया, जीसीसी (GCC), मिडिल ईस्ट व उत्तर-पूर्व एशिया: 5,500 रुपये
अफ्रीका: 6,000 रुपये
यूरोप: 10,000 रुपये
क्यों बढ़ानी पड़ी कीमतें?
एयरलाइन के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगातार तीव्र उछाल देखा गया है। पिछले एक महीने में ही जेट फ्यूल के दाम करीब 14% तक बढ़ चुके हैं, जिससे यह पिछले 10 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। चूंकि किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च (Operating Cost) में अकेले जेट फ्यूल की हिस्सेदारी 30% से 40% तक होती है, इसलिए लागत के इस बढ़ते दबाव को संतुलित करने के लिए एयरलाइंस को यह कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ा है।


