More
    Homeराज्यबिहारमतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका, झारखंड में 7-9 अक्टूबर तक...

    मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका, झारखंड में 7-9 अक्टूबर तक विशेष कैंप

    रांची: विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने और प्रविष्टियों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया को और अधिक तेज करने के लिए झारखंड राज्यभर में 7 से 9 अक्तूबर तक सभी मतदान केंद्रों पर विशेष डिजिटाइजेशन कैंप लगाए जा रहे हैं। इन विशेष कैंपों के दौरान फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया के साथ-साथ फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से जुड़े आवेदनों के डिजिटाइजेशन का कार्य भी युद्धस्तर पर किया जाएगा।

    10 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी चौथी बार मेगा हेल्पडेस्क बैठक

    इसके पश्चात, आगामी 10 अक्तूबर को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर चौथी बार बीएलओ-बीएलए-2 की महत्वपूर्ण बैठक सह 'मेगा हेल्पडेस्क' का आयोजन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (एईआरओ) को इस संबंध में सख्त और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम शामिल होने से किसी भी स्थिति में वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके साथ ही, विशेष कैंप की इस पूरी जानकारी को सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा करने तथा पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए जागरूक व प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    मतदाता सूची में विसंगति के संभावित कारण

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति के नाम के सामने तार्किक विसंगति होने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। गणना प्रपत्र (इम्यूमरेशन फॉर्म) में गलत जानकारी दर्ज हो जाना, पिछले एसआईआर के दौरान गलत मैपिंग होना या पूर्व से दर्ज जानकारी में कोई त्रुटि रह जाना इसकी मुख्य वजहें हो सकती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान एसआईआर के तहत आयोजित होने वाली सुनवाई का मुख्य उद्देश्य पिछली गलतियों को सुधारना नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक मकसद मौजूदा मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाना और प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का पंजीकरण सुनिश्चित करना है।

    मतदान सूची में नाम दर्ज कराने के लिए इन शर्तों को पूरा करना अनिवार्य

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि निर्धारित और वैध दस्तावेजों के आधार पर यह पूरी तरह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति भारत का वास्तविक नागरिक हो, 1 अक्तूबर 2026 तक अपनी 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो और संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का सामान्य निवासी हो। उन्होंने विशेष कैंप के दौरान प्राप्त होने वाले फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के डिजिटाइजेशन के काम में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, ताकि सभी पात्र नागरिकों के आवेदनों पर तय समय-सीमा के भीतर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here