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    बाढ़ का पानी घटा तो सामने आई बदहाली, लखनऊ के इलाकों में सफाई व्यवस्था पर सवाल

    लखनऊ| राज्य की राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज और इसके समीपवर्ती अंचलों में बाढ़ का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन क्षेत्रीय निवासियों की दुश्वारियाँ खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। कई मोहल्लों में अब भी जलजमाव बना हुआ है, तो कहीं कीचड़ व गंदगी के ढेर ने रास्तों की हालत बदतर कर दी है। इसके चलते दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है और लोगों को अति-आवश्यक वस्तुओं की खरीद-फरोख्त व कामकाज पर जाने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जलस्तर कम होने के बावजूद स्थानीय लोग सामान्य स्थिति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।

    निचले इलाकों में जलभराव और बदहाल सड़कें

    तुलनात्मक रूप से निचले क्षेत्रों में जमा पानी की निकासी की रफ्तार सुस्त होने के कारण संकट गहराया हुआ है। फैजुल्लागंज की मामा कॉलोनी, पतंग मैदान, कैलाश कॉलोनी, शिव शक्ति नगर, गणेश विहार, गाजीपुर बलराम, अन्नपूर्णा नगर, नंदा फार्म और श्रीराम विहार जैसे इलाकों में पानी घटने के बाद सड़कों पर कीचड़ का आलम है, जिससे आवागमन और जोखिम भरा हो गया है।

    स्थानीय निवासियों सुनीता कश्यप, सुरेश जायसवाल, कमल निषाद, खुशबू चौबे और आरती अवस्थी का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावित स्थानों से जल निकासी नहीं कराई गई और समुचित स्वच्छता अभियान नहीं चलाया गया, तो बीमारियाँ और परेशानियाँ और बढ़ सकती हैं। प्रभावित बस्तियों में मार्गों की सफाई और मूलभूत सुविधाओं की पुनर्बहाली अत्यंत आवश्यक है।

    पानी उतरते ही व्यापक सफाई अभियान की तैयारी

    नगर निगम ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर नीचे जाते ही बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार की है। सोमवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोन-तीन कार्यालय में अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर आयुक्त ने जोन-तीन और जोन-छह के प्रभावित वार्डों में पानी घटने के तुरंत बाद मड पंपों के माध्यम से गाद निकालने और मुस्तैदी से सफाई कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।

    अभियान के सुचारु संचालन के लिए प्रभावित क्षेत्रों की जीआईएस मैपिंग कराकर उन्हें विभिन्न सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में एक नोडल प्रभारी नियुक्त करने के साथ-साथ इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य एवं जलकल विभाग के कार्मिकों की जवाबदेही तय की गई है। संकरी गलियों में भी पर्यवेक्षक और सफाईकर्मी तैनात किए जाएंगे। इस कार्य के लिए नगर निगम के अन्य जोनों से भी अतिरिक्त श्रमबल बुलाया गया है, जहाँ करीब 400 से 500 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की सेवाएँ ली जा रही हैं।

    ड्रोन तकनीक से एंटी-लार्वा का छिड़काव

    बाढ़ का प्रभाव कम होते ही नगर निगम ने जनस्वास्थ्य सुरक्षा और सैनिटाइजेशन अभियान को तेज कर दिया है। सोमवार को लगभग 70 एकड़ के व्यापक क्षेत्र में एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव किया गया।

    नगर आयुक्त गौरव कुमार के अनुसार, जोन-3 के फैजुल्लागंज में ड्रोन के जरिए 44 एकड़ क्षेत्र में, जबकि जोन-6 के सैथा में 18 एकड़ और हयात नगर में आठ एकड़ क्षेत्र में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव संपन्न हुआ।

    इसके अतिरिक्त लोहरामऊ, पतंग मैदान, गणेश बाग, सन्मंत विहार और मिल्लत नगर में भी ड्रोन से छिड़काव कराया गया। घैला रोड पर टैंकरों के माध्यम से एंटी-लार्वा दवा छिड़की गई, जबकि दाउदनगर की 60 फीट रोड पर सोडियम हाइपोक्लोलाइट और ब्लीचिंग पाउडर का प्रयोग किया गया। मामा कॉलोनी व पुराने दाउदनगर में चूने व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव जारी है, वहीं हयात नगर और दौलतखेड़ा में नालियों की उलझनों व झाड़ियों की छँटाई कर जल निकासी को सुगम बनाया जा रहा है।

    बाढ़ पीड़ितों एवं बेजुबानों को राहत सामग्री का वितरण

    संकट की इस घड़ी में सामाजिक संस्थाओं ने भी मदद के हाथ बढ़ाए हैं। सीएमएस के छात्र-शिक्षकों ने संस्थापिका-निदेशिका डॉ. भारती गांधी के मार्गदर्शन और एक्जीक्यूटिव सेक्रेटरी वंदना के नेतृत्व में सोमवार को फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री बाँटी। आपदा से प्रभावित लोगों को वस्त्र, सूखा राशन, फल और दैनिक उपयोग का सामान मुहैया कराया गया।

    इसी क्रम में समाजसेवी रवि गांधी की अगुवाई में एक टीम ने फैजुल्लागंज क्षेत्र में बेसहारा पशुओं के लिए दाने-पानी का प्रबंध किया। टीम द्वारा गोवंश, वानरों और अन्य पशुओं को भोजन कराने के साथ-साथ बाढ़ में फँसे नागरिकों तक पेयजल की बोतलें और भोजन के पैकेट पहुँचाए गए।

    जलभराव से बर्बाद फसलों का मिला मुआवजा

    मलिहाबाद क्षेत्र में बेहता नाले और नदी का जलस्तर बढ़ने से खेतों में जलभराव हो गया था, जिससे किसानों की फसलें चौपट हो गईं। सोमवार को प्रभावित कृषकों को चेक के माध्यम से क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किया गया। मलिहाबाद की उपजिलाधिकारी (SDM) अपराजिता आर्यन ने बताया कि नुकसान का सटीक आकलन कराने के उपरांत शासन के नियमानुसार मुआवजा राशि वितरित की गई है।

    जिनगाँव, जिंदौर, शेरपुर भऊसा, लुधई, माल और मंझी निकरोजपुर सहित कई ग्रामीण अंचलों के पीड़ित किसानों को यह मुआवजा मिला। इस अवसर पर भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विकास किशोर तथा ब्लॉक प्रमुख मीनू वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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