मुंबई। महाराष्ट्र में घर या फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने नियमों के खिलाफ बनी इमारतों और अवैध फ्लैटों से जुड़े दस्तावेजों की रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का कड़ा फैसला लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अवैध निर्माण पर नकेल कसना और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में आम जनता के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोकना है।
इन फ्लैटों की रजिस्ट्री पर लगाई गई रोक
नए नियमों के तहत, यदि किसी इमारत का निर्माण स्वीकृत नक्शे के विपरीत किया गया है, तो उससे जुड़े कुछ प्रमुख दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। सरकार के आदेश के मुताबिक जिन फ्लैटों या संपत्तियों पर यह रोक लागू होगी, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
नियमों का उल्लंघन करके बनाए गए फ्लैटों की पहली बिक्री के समझौते।
खरीद-बिक्री से जुड़े तमाम दस्तावेज और सेल डीद।
अपार्टमेंट डीड और फ्लैट को किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करने से जुड़े कागजात।
यह रोक केवल पूरी तरह अवैध इमारतों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन वैध रूप से स्वीकृत इमारतों पर भी लागू हो सकती है, जिनमें बिल्डर द्वारा मंजूर नक्शे से अधिक अतिरिक्त निर्माण या अवैध मंजिलें तान दी गई हैं। उदाहरण के लिए, यदि अनुमति से ज्यादा मंजिलें बनाई गई हैं, तो वहां बने फ्लैटों की रजिस्ट्री में कानूनी अड़चनें आ सकती हैं।
घर खरीदारों के लिए जरूरी सलाह
प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का कहना है कि अब घर खरीदने से पहले केवल उसकी कीमत, लोकेशन या बैंक लोन की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि उसके कानूनी दस्तावेजों की गहराई से जांच करना अनिवार्य हो गया है। फ्लैट बुक करने या कोई भी अग्रिम भुगतान करने से पहले खरीदारों को बिल्डर से निम्नलिखित दस्तावेज अवश्य मांग लेने चाहिए:
भवन निर्माण का स्वीकृत नक्शा (Approved Plan)।
निर्माण से जुड़े अन्य सभी वैधानिक और स्थानीय निकाय के प्रमाण पत्र।
यह सुनिश्चित करना कि इमारत का निर्माण स्वीकृत नक्शे के दायरे में ही किया गया है।
यदि दस्तावेजों या निर्माण की स्थिति को लेकर किसी भी प्रकार का संदेह हो, तो तुरंत किसी कानूनी विशेषज्ञ या संबंधित सरकारी कार्यालय से संपर्क करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आर्थिक या कानूनी परेशानी से बचा जा सके।


