पुणे में भारतीय जनता पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब पार्टी के एक महत्वपूर्ण और बड़े कार्यक्रम से 100 से अधिक नगरसेवक नदारद रहे। विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के मद्देनजर आयोजित प्रचार अभियान के इस शुभारंभ कार्यक्रम में पार्टी के कुल 126 नगरसेवकों में से सौ से अधिक सदस्यों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार गरम कर दिया है। यह आयोजन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुआ था।
कारण बताओ नोटिस और पार्टी की सख्त कार्रवाई
पार्टी नेतृत्व ने इस बड़े पैमाने पर हुई गैरहाजिरी को बेहद गंभीरता से लिया है। इसके बाद अनुपस्थित पाए गए सभी नगरसेवकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुणे महानगरपालिका के सदन नेता गणेश बिडकर ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित और अनुपस्थित रहने वाले सदस्यों की पूरी सूची तैयार की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई नगरसेवक कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही वहां से खिसक गए थे। अब इन सभी से मिलने वाले लिखित जवाब के आधार पर पार्टी आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की रूपरेखा तय करेगी।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में खाली कुर्सियां
कौस्तुभ गावडे और स्मिता जाधव के चुनावी प्रचार अभियान के इस शुभारंभ अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के साथ-साथ केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, मंत्री चंद्रकांत पाटील, माधुरी मिसाळ और पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे जैसी कई दिग्गज हस्तियां मंच पर मौजूद थीं। इतने बड़े स्तर के कार्यक्रम में पार्टी के अधिकांश पार्षदों की गैरमौजूदगी ने आंतरिक असंतोष या समन्वय की कमी की ओर इशारा किया है।
राजनीतिक गलियारों में टिकी नजरें
इस घटनाक्रम के बाद से ही विपक्षी दलों के साथ-साथ खुद पार्टी के भीतर भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि नोटिस का जवाब देते हुए ये नगरसेवक अपनी अनुपस्थिति के पीछे क्या तर्क देते हैं और उनका स्पष्टीकरण मिलने के बाद प्रदेश नेतृत्व क्या कड़े कदम उठाता है।


