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    पीवी एप में सुधार कर किसानों का पुराना बोनस जारी करे सरकार: आप

    रायपुर। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने राज्य सरकार द्वारा एग्रीस्टेक की अनिवार्यता को समाप्त किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक की तकनीकी खामियों के कारण हजारों किसानों को धान बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, और आप पार्टी के पिछले एक साल से चल रहे किसान आंदोलनों व ज्ञापनों के परिणामस्वूप सरकार को यह कदम उठाना पड़ा है।

    फसल सत्यापन ऐप और पोर्टल को लेकर गंभीर चिंताएं

    आप नेताओं ने कहा कि प्रदेश में फसल सत्यापन (खरीफ गिरदावरी) और राजस्व कार्यों के लिए उपयोग किए जा रहे पीवी ऐप और भुइंया वेबसाइट को लेकर किसानों और पटवारियों में भारी नाराजगी है। ग्रामीण व दूर-दराज के क्षेत्रों में इंटरनेट नेटवर्क की कमी, कमजोर सर्वर और सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों के कारण ऐप बार-बार हैंग होता है और जियो-लोकेशन न मिलने से खसरे की सही स्थिति दर्ज करने में बाधा आती है।

    नियमों के तहत खेत के चारों कोनों पर जाकर फोटो अपलोड करना अनिवार्य है, जो खेतों में पानी भरे होने, फसल के बड़े होने या पुराने नक्शों में विसंगति के कारण व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन है। इन तकनीकी बाधाओं के बावजूद काम पूरा न होने पर पटवारियों पर निलंबन और शो-कॉज नोटिस जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिसके विरोध में पटवारी संघ हड़ताल पर हैं। पार्टी का कहना है कि यदि इस वर्ष भी किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में ऐसी ही परेशानियां आईं और पिछले साल की तरह अप्रिय घटनाएं हुईं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

    बकाया बोनस और एमएसपी को लेकर सरकार पर हमला

    पार्टी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय का किसानों का एक साल का बकाया बोनस भाजपा सरकार द्वारा अभी तक नहीं दिया गया है, जबकि इसके लिए फंड पहले ही रिलीज हो चुका था। इसके अलावा, पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की लगभग 258 रुपये की राशि को भी सरकार द्वारा स्पष्ट रूप से किसानों के सामने नहीं रखा जा रहा है।

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