कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल के दौरान हुई भगदड़ की दर्दनाक घटना के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा और राहत कार्यों को लेकर कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री ने हादसे में अपनी जान गंवाने वाले 19 नागरिकों के परिजनों के लिए 25-25 लाख रुपये के भारी मुआवजे का ऐलान किया है। इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर अपनी हिरासत में ले लिया है।
वीआईपी एंट्री पर रोक और भीड़ नियंत्रण के कड़े निर्देश
इस भीषण त्रासदी के बाद राज्य सरकार ने पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर पूरी सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर पंडालों में दर्शकों के प्रवेश को सीमित किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि इस प्रकार के बड़े आयोजनों में किसी भी तरह के विशेष यानी वीआईपी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी ताकि आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
न्यायिक जांच और घायलों को सहायता का आश्वासन
घटना की निष्पक्ष जांच के लिए उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक तथ्य-जांच टीम का गठन किया जा रहा है, जबकि पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है। सरकार की घोषणा के अनुसार, मृतकों के परिजनों के साथ-साथ हादसे में घायल हुए 25 लोगों के परिवारों को भी 25-25 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। आगामी 26 अक्तूबर को आयोजित होने वाले विजय सम्मेलन कार्यक्रम में मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और इसी दौरान प्रभावित परिवारों को मुआवजे के चेक सौंपे जाएंगे।
शव सुपुर्दगी के लिए मजिस्ट्रेट तैनात और आरोपियों पर एक्शन
प्रशासन ने मृतकों के शवों को उनके परिजनों तक सुरक्षित और सुगम तरीके से पहुंचाने के लिए विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों की तैनाती की है, जो श्मशान घाट तक साथ रहकर अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया में सहायता करेंगे। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को हिरासत में रखकर पूछताछ की जा रही है, जबकि आईसीयू में भर्ती दो गंभीर रूप से घायल लोगों के इलाज पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।


