करणी माता मंदिर में अरदास का आह्वान, वन्यजीव संरक्षण के लिए राज्य सरकार से कानून की समीक्षा की मांग
अलवर। नीलगायों के संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति अहिंसा का संदेश देने के उद्देश्य से जीव एवं जल कल्याण ट्रस्ट अलवर ने लोगों से एकजुट होने की अपील की है। ट्रस्ट की ओर से जारी संदेश में नीलगायों की कथित हत्याओं पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से संबंधित कानून की समीक्षा करने और वन्यजीवों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष भारत भूषण शर्मा के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे धोली माता मंदिर से जुड़े सदस्यों और जीवदया समर्थकों ने करणी माता मंदिर में अरदास कार्यक्रम के लिए एकत्र होने का आह्वान किया। इसका उद्देश्य नीलगायों सहित अहिंसक वन्यजीवों की रक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करना है।
नीलगायों की रक्षा के लिए कानून में बदलाव की मांग
भारत भूषण शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि नीलगायों की हत्या से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि धार्मिक, सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों की ओर से विरोध और मांग उठाए जाने के बावजूद इस विषय पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने नीलगायों के संरक्षण को जीवदया, अहिंसा और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।
धार्मिक और सामाजिक संगठनों से एकजुट होने का आह्वान
ट्रस्ट ने विभिन्न धर्मों के संतों, साधुओं, मुनियों और सामाजिक संगठनों से वन्यजीव संरक्षण के लिए आवाज उठाने का आग्रह किया है। संदेश में लोगों से जीवों के प्रति दया और अहिंसा का भाव अपनाने तथा इस अभियान को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की गई है।
ट्रस्ट का कहना है कि वन्यजीवों की रक्षा के लिए जनजागरूकता और प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी प्रयास जरूरी हैं।
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