मुंबई। मध्य रेलवे ने रेलवे स्टेशनों पर चलने वाले किराना स्टॉलों के संबंध में बिक्री के नए और स्पष्ट नियम लागू कर दिए हैं। इन संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत अब इन स्टॉलों पर चाय, कॉफी और पहले से तैयार या पके हुए भोजन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। रेलवे प्रशासन ने यह कदम सफर के दौरान यात्रियों को रोजमर्रा की जरूरत का सामान आसानी से मुहैया कराने के साथ-साथ स्टेशनों पर साफ-सफाई और व्यापारिक व्यवस्था में एकरूपता बनाए रखने के लिए उठाया है। मध्य रेलवे की नॉन-फेयर रेवेन्यू (एनएफआर) स्कीम के अंतर्गत विभिन्न मंडलों के स्टेशनों व परिसरों में किराना स्टॉल चलाने के अनुबंध दिए गए हैं। इसी के मद्देनजर रेलवे ने अधिकृत और प्रतिबंधित सामानों की सूची साफ कर दी है।
इन सामानों को बेचने की होगी छूट
रेलवे के नए प्रावधानों के मुताबिक, किराना स्टॉल संचालक चावल, गेहूं, अन्य खाद्यान्न, आटा, दालें, कुकिंग ऑयल, शक्कर, गुड़, नमक, मसाले और ड्राई फ्रूट्स बेच सकेंगे। इसके अतिरिक्त रेलवे द्वारा अप्रूव्ड ब्रांड्स के पैबंद पानी, जूस, एनर्जी ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स बेचने की भी पूरी अनुमति दी जाएगी। मिल्क प्रोडक्ट्स, बेकरी आइटम्स के साथ-साथ परांठे, कटलेट और नगेट्स जैसे केवल ‘रेडी-टू-कुक’ यानी पकाने से पूर्व की स्थिति वाले फूड आइटम्स भी काउंटर पर रखे जा सकेंगे। साथ ही, आइसक्रीम की बिक्री के लिए मध्यम साइज के डीप फ्रीजर रखने की भी छूट दी गई है।
स्वच्छता मानदंडों का कड़ाई से पालन
रेलवे ने सभी किराना स्टॉल संचालकों के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य कर दिया है। दुकान के अंदर और उसके आसपास उच्च स्तर की स्वच्छता कायम रखना जरूरी होगा। इसके अलावा, परिसर में गंदगी फैलने से रोकने के वास्ते स्टॉल के करीब एक मीटर के दायरे में डस्टबिन और गारबेज बैग्स रखना भी लाजिमी किया गया है। रेलवे के इस कदम से जहां एक तरफ रेल यात्रियों को स्टेशनों पर जरूरत का सामान और पैक्ड खाद्य सामग्रियां आसानी से मिल सकेंगी, वहीं दूसरी तरफ स्टॉलों पर होने वाली बिक्री का संचालन तय नियमों के दायरे में सुचारू रूप से हो सकेगा।


