मुंबई। महाराष्ट्र में दशहरा के पावन अवसर पर राज्य की सियासत में मुख्यमंत्री के पद को लेकर एक बार फिर गर्माहट आ गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ मंत्री गुलाबराव पाटिल ने एक सार्वजनिक मंच से खुले तौर पर एकनाथ शिंदे को आगामी कार्यकाल के लिए दोबारा मुख्यमंत्री बनाए जाने की जोरदार वकालत की है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
जलगांव रैली में पाटिल का बड़ा बयान
जलगांव में आयोजित एक दशहरा रैली के दौरान मंच से बोलते हुए मंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा कि उन्होंने माता जगदंबा के चरणों में शीश नवाकर यही प्रार्थना की है कि आने वाले दिनों में एकनाथ शिंदे एक बार फिर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालें और प्रदेश के किसानों के जीवन में आर्थिक खुशहाली लाएं। शिंदे के नेतृत्व, उनकी जनहितकारी योजनाओं और राजनीतिक सूझबूझ की सराहना करते हुए पाटिल ने विश्वास जताया कि पार्टी और जनता को उन पर पूरा भरोसा है। पाटिल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि शिंदे के फैसलों और नीतियों की बदौलत ही वे आज विधायक और मंत्री बने हैं, और यदि वे उस समय साहसिक कदम न उठाते तो उनके विधायक डूब जाते और सरकार का बचना असंभव था।
लोकप्रिय योजनाएं और बढ़ती सियासी ताकत
एकनाथ शिंदे की कार्यशैली की तारीफ करते हुए पाटिल ने कहा कि महिलाओं के लिए चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं, बेटियों की मुफ्त शिक्षा और पुलिसकर्मियों के लिए फंड उपलब्ध कराने जैसे फैसलों ने आम जनता की सोच पूरी तरह बदल दी है। इससे लोगों को यह अहसास हुआ कि शिंदे ही आम आदमियों के सच्चे नेता हैं। अपनी पार्टी की बढ़ती ताकत का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआत में उनके पास विधायकों की संख्या कम थी, लेकिन आज उनके पास 60 विधायक और विधान परिषद सदस्यों (MLC) को मिलाकर कुल संख्या 73 तक पहुंच चुकी है। यदि इसमें सहयोगी दलों के विधायकों को भी मिला लिया जाए, तो यह आंकड़ा लगभग 85 से 86 तक पहुंच जाता है। पाटिल ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी एकनाथ शिंदे के रास्ते में आएगा, उसका राजनीतिक रूप से बर्बाद होना तय है।


