बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम की सभी 150 सीटों पर शत-प्रतिशत दाखिले की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। ऑल इंडिया कोटे के तीसरे चरण की काउंसिलिंग के अंतिम दिन सोमवार को शेष बची सीटों पर अभ्यर्थियों द्वारा प्रवेश औपचारिकताएं पूरी करते ही एमबीबीएस की सभी सीटें फुल हो गईं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को हासिल करने के पश्चात संस्थान प्रबंधन ने अब स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों की निर्धारित 91 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
एमबीबीएस सीटों का संपूर्ण ब्योरा और पीजी काउंसिलिंग का आगाज
सिम्स की काउंसिलिंग समिति द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी के अनुसार एमबीबीएस की कुल 150 सीटों में ऑल इंडिया कोटे के लिए 22 सीटें आरक्षित थीं। काउंसिलिंग के अंतिम दिन तक इनमें से तीन सीटें रिक्त बनी हुई थीं, जिन पर योग्य अभ्यर्थियों ने प्रवेश लेकर प्रक्रिया को पूरा किया। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार के कोटे की कुल चार सीटों में से शेष बची एक अंतिम सीट पर भी दाखिला दे दिया गया, जिसके साथ ही एमबीबीएस की सभी सीटें भर गईं। इस चरण के संपन्न होते ही सिम्स प्रशासन ने पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार से ही ऑल इंडिया कोटे की पीजी सीटों के लिए अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन और दाखिले से संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस सत्र में पीजी की कुल 91 सीटें तय की गई हैं, जिनमें 48 सीटें राज्य कोटे और 43 सीटें ऑल इंडिया कोटे के अंतर्गत आती हैं।
विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में उपलब्ध पीजी सीटें
सिम्स में संचालित पीजी पाठ्यक्रमों के तहत व्यापक चिकित्सा क्षेत्रों में सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, ऑर्थोपेडिक्स, एनेस्थीसियोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, ईएनटी, डर्मेटोलॉजी, रेडियो डायग्नोसिस, कम्युनिटी मेडिसिन, फोरेंसिक मेडिसिन, बायोकेमिस्ट्री, साइकेट्री, एनाटॉमी और रेस्पिरेटरी मेडिसिन जैसे महत्वपूर्ण संकाय शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से राज्य और देश भर से आने वाले प्रतिभावान डॉक्टरों को अपने-अपने विषय में उच्चस्तरीय विशेषज्ञता हासिल करने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा।
संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती
सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एमबीबीएस की शत-प्रतिशत सीटों पर समय पर प्रवेश पूरा होना संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि पीजी प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों को तैयार करने की दिशा में तेजी आएगी। विभिन्न चिकित्सा विषयों में स्नातकोत्तर स्तर का गहन प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से आने वाले समय में क्षेत्र की संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। फिलहाल ऑल इंडिया कोटे की 43 सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया निरंतर जारी है।


