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    ‘न सिर है, न पैर!’ राहुल गांधी केस की जल्द सुनवाई की मांग पर CJI नाराज

    नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से जुड़े कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष को कड़ी फटकार लगाई है। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग करने वाले वकीलों को आड़े हाथों लेते हुए अर्जी के आधार पर ही गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस याचिका का न तो कोई ठोस आधार नजर आता है और न ही इसमें कोई स्पष्ट तर्क है।

    इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक जारी

    यह पूरा मामला कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में दायर एक आपराधिक याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोप लगाए थे। जुलाई में हाई कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को इन आरोपों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।

    हाई कोर्ट के इस फैसले को राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। उनकी तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि हाई कोर्ट द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह से कानून के विरुद्ध और राजनीतिक मंशा से प्रेरित है। 17 अगस्त 2026 को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहाना की पीठ ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का हवाला देते हुए हाई कोर्ट की आगे की कार्यवाही और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पेश करने पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जो वर्तमान में भी लागू है।

    बयान का हवाला देकर जल्द सुनवाई की मांग पर CJI ने जताई नाराजगी

    हाल ही में राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दावा किया था कि सीबीआई और ईडी के करीब 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं। इसी बयान को आधार बनाते हुए प्रतिवादी पक्ष के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की तुरंत सुनवाई करने की गुहार लगाई।

    अदालत ने इस तरह की याचिका पर जल्दबाजी में सुनवाई की मांग को पूरी तरह से गैर-जरूरी बताया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कड़ा रुख अपनाते हुए वकीलों से कहा कि इस अर्जी का न तो कोई सिर है और न ही कोई पैर, और सवाल उठाया कि क्या यह सब केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए किया जा रहा है।

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