थेनी। तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कमपट्टी जेल में सोमवार रात सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक बड़ी घटना सामने आई। मिर्गी का नाटक कर ड्यूटी पर तैनात प्रहरी पर हमला करने के बाद 17 विचाराधीन कैदी मुख्य द्वार से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, हालांकि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मंगलवार शाम तक इनमें से 13 आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया है।
मिर्गी का नाटक और प्रहरी पर हमला
सोमवार देर रात जेल के भीतर एक कैदी ने अचानक मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक किया। उसकी इस हालत को देखकर जैसे ही प्रहरी मदद के लिए सेल के अंदर पहुंचा, अन्य कैदियों ने मिलकर उस पर हमला बोल दिया, जिससे प्रहरी के सिर में गंभीर चोटें आईं। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर 17 विचाराधीन कैदी मुख्य गेट से बाहर भागने में कामयाब हो गए।
ड्रोन और 300 पुलिसकर्मियों की मदद से तलाश
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया। प्रवीण नाम का कैदी जेल के पीछे झाड़ियों में छिपा मिला, जबकि सिलंबरासन को अंदिपट्टी के पास सड़क पर पकड़ा गया। राजकुमार, राजा सिखंदर और लिंगाप्रसाद को भी अलग-अलग जगहों से दबोच लिया गया। मंगलवार दोपहर को थेनी के पास जंगल में कैदियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को उतारा गया। घनी झाड़ियों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर छिपे आरोपियों की तलाश के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया, जिसकी मदद से आठ और कैदी पकड़ लिए गए। जेल डीजीपी संदीप राय राठौड़ ने पुष्टि की है कि शाम तक 13 कैदी पकड़े जा चुके हैं और शेष 4 की तलाश जारी है।
नौ जेल कर्मचारियों पर गिरी गाज और सियासत तेज
सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए तीन हेड कांस्टेबलों समेत कुल नौ जेल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, इस घटना को लेकर राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था और जेल की सुरक्षा प्रणाली को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए हैं।


