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    तूफान ‘अर्नब’ से बदलेगा MP का मौसम, 31 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    भोपाल। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर अब मध्य प्रदेश में भी साफ दिखाई देने लगा है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके से टकराने के बाद यह तूफान छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के रास्तों से होता हुआ उत्तर भारत की तरफ बढ़ जाएगा। मौसम विशेषज्ञों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के 31 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी के साथ यलो अलर्ट घोषित किया है। अनुमान है कि आने वाले अगले 4 दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं हल्की बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा।

    इन जिलों के लिए जारी की गई चेतावनी

    मौसम विभाग की ओर से भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, भिंड, दतिया, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा, 29 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर और बालाघाट जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जहां एक तरफ राज्य के पूर्वी इलाकों में बारिश का दौर रहेगा, वहीं पश्चिमी हिस्सों में धूप खिली रहने के साथ केवल कुछ ही स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं।

    शाजापुर का गिरवर दर्ज हुआ सबसे ठंडा इलाका

    प्रदेश भर में तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच शाजापुर जिले का गिरवर सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ ही शहडोल के कल्याणपुर और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी में 13.8 डिग्री, रायसेन में 14.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 14.7 डिग्री और दमोह में न्यूनतम पारा 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके उलट, उज्जैन 35 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना रहा।

    खराब मौसम के दौरान ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें

    • उफनते हुए नदी-नालों और तेज बहाव वाले पानी के रास्तों से दूरी बनाकर रखें।

    • भारी बारिश और आंधी के समय बिजली के खंभों, बड़े पेड़ों, जर्जर निर्माणों व अस्थाई शेड के नीचे शरण न लें।

    • मौसम खराब होने या कड़कती बिजली के दौरान खुले खेतों में काम करने से परहेज करें।

    • मौसम में बड़े बदलाव या चेतावनी के समय गैर-जरूरी यात्राएं करने से बचें।

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