आगरा। आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर खंदौली क्षेत्र के अंतर्गत मई चौराहे के समीप अलीगढ़ के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की गाड़ी में बाइक की टक्कर लगने के बाद उत्पन्न विवाद ने गंभीर रूप से हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी के उपरांत आरोपी युवक ने अपने दर्जनों साथियों को मौके पर बुलाकर न्यायिक अधिकारी, उनके बुजुर्ग पिता और राजकीय सुरक्षा में तैनात गनर के साथ मारपीट की। उपद्रवियों द्वारा कार में आग लगाने का प्रयास करने के साथ ही वाहन का पिछला शीशा भी तोड़ दिया गया। पीड़ित न्यायिक अधिकारी ने सूझबूझ और किसी तरह अपनी गाड़ी वहां से निकालकर अपने परिवार की जान बचाई।
सड़क हादसे के बाद बढ़ा विवाद और आरोपियों का दुस्साहस
अलीगढ़ न्यायालय की कोर्ट संख्या पाँच में तैनात अपर जिला जज अली मुस्तफा अपने माता-पिता और गनर के साथ लखनऊ से अलीगढ़ की ओर यात्रा कर रहे थे। वे यमुना एक्सप्रेस-वे के खंदौली इंटरचेंज से उतरकर आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर आगे बढ़ रहे थे, तभी मई चौराहे के पास जवाहर इंटर कॉलेज के निकट शराब के नशे में धुत एक बाइक सवार ने न्यायाधीश की कार में चालक की तरफ से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। न्यायिक अधिकारी द्वारा गाड़ी रोककर जब युवक को उसकी गलत ड्राइविंग के बारे में समझाया गया, तो वह आग बबूला होकर गालियां देने लगा। आरोपी ने अपनी पहचान गोविंदपुर निवासी और बीएसएफ के जवान भूपेंद्र के रूप में दी तथा तुरंत फोन कर अपने 30 से 40 साथियों को मौके पर इकट्ठा कर लिया।
पुलिस सहायता न मिलने और गंभीर मारपीट की घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार हमलावरों ने न्यायाधीश, उनके वृद्ध पिता और गनर के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसमें उनके पिता की नाक और दोनों हाथों की कलाइयों में गंभीर चोटें आईं। उपद्रवियों ने पूरे परिवार को जान से खत्म करने की धमकी देते हुए कार को आग के हवाले करने की भी कोशिश की। इस दौरान मुख्य आरोपी ने हेलमेट या किसी भारी वस्तु से वार करके कार का पिछला शीशा चकनाचूर कर दिया। आपातकालीन स्थिति में न्यायिक अधिकारी ने तुरंत पुलिस के आपातकालीन नंबर पर संपर्क किया, किंतु समय पर पुलिस सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने सीधे थाना प्रभारी को फोन पर घटना की सूचना दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज और आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि पीड़ित न्यायिक अधिकारी की लिखित शिकायत और तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी भूपेंद्र (निवासी गोविंदपुर, थाना सादाबाद, हाथरस) तथा 30-40 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों को चिह्नित करने में जुटी है तथा उनकी शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन कर दबिश दी जा रही है।


