जोधपुर। नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। 20 दिन की मेडिकल पैरोल खत्म होने के बाद तय समय पर जोधपुर जेल में आत्मसमर्पण न करने के कारण रातानाडा थाना पुलिस ने उसके खिलाफ कारागार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आसाराम को मंगलवार शाम 5 बजे तक केंद्रीय कारागृह जोधपुर में सरेंडर करना था, लेकिन वह देर रात करीब 10:40 बजे एयर एम्बुलेंस से जोधपुर पहुंचा।
निर्धारित समय पर सरेंडर न करने पर पुलिस मामला दर्ज
निर्धारित समय के बाद जेल पहुंचने के इस मामले में जेल प्रहरी बनवारीलाल की रिपोर्ट पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। रातानाडा थाना पुलिस ने कारागार अधिनियम की धारा 58ख के तहत प्रकरण संख्या 206/26 दर्ज किया है, जिसकी जांच सहायक उपनिरीक्षक भवानीसिंह को सौंपी गई है। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर गत 6 अक्टूबर को आसाराम को 20 दिन की मेडिकल पैरोल पर रिहा किया गया था, जिसकी अवधि मंगलवार को समाप्त हो गई थी।
सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत और जेल में नहीं मिला प्रवेश
आसाराम की ओर से पैरोल अवधि बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन अदालत ने अवधि बढ़ाने से साफ इंकार करते हुए शाम तक जोधपुर जेल में सरेंडर करने के सख्त निर्देश दिए थे। उज्जैन के अस्पताल में इलाज करा रहे आसाराम को आदेश के बाद एयर एम्बुलेंस के जरिए देर रात जोधपुर लाया गया। हालांकि, अत्यधिक रात हो जाने के कारण जेल प्रशासन ने उसे जेल परिसर में प्रवेश देने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसे भगत की कोठी स्थित एक अस्पताल ले जाया गया, जहां से आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मामले का अब तक का घटनाक्रम
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत अगस्त 2013 में जोधपुर आश्रम में नाबालिग से हुए दुष्कर्म के बाद आसाराम की गिरफ्तारी से हुई थी। इसके बाद अप्रैल 2018 में विशेष पॉक्सो अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से लगातार इलाज और मेडिकल आधार पर जमानत व पैरोल की अर्जियां दाखिल की जाती रही हैं।
मई 2026 में राजस्थान हाईकोर्ट ने उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। इसके बाद अक्टूबर 2026 में हाईकोर्ट ने उसे 20 दिन की पैरोल दी थी, जिसकी समयसीमा 27 अक्टूबर शाम तक थी। समय पर उपस्थित न होने के कारण अब नया कानूनी मामला दर्ज हो गया है।


