भुवनेश्वर/अमरावती। चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और विनाशकारी बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ओडिशा के गंजाम जिले में ऋषिकुल्या नदी के उफान पर आने से करीब 300 गांव जलमग्न हो गए हैं। संकटग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य सरकार ने वायुसेना और तटरक्षक बल (Coast Guard) के हेलीकॉप्टरों के जरिए हवाई बचाव अभियान (Airlift) चलाने की रणनीति तैयार की है। उधर, केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रभावित राज्यों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
ओडिशा में ऋषिकुल्या नदी उफान पर, 120 लोगों को एयरलिफ्ट करने की योजना
ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि एनडीआरएफ (NDRF) और ओडीआरएएफ (ODRAF) की टीमें गंजाम और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत अभियान चला रही हैं। गंजाम जिले के सोरड़ा, आस्का, सनाखेमुंडी और दिगपहांडी ब्लॉक में ऋषिकुल्या नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंचने से स्थिति विकराल हो गई है। राज्य सरकार ने प्रथम चरण में बाढ़ में फंसे करीब 120 लोगों को एयरलिफ्ट करने की योजना बनाई है। हालांकि, लगातार बारिश और बादलों के नीचे रहने के कारण उड़ानों में तकनीकी अड़चनें आ रही हैं।
आंध्र प्रदेश में बुनियादी सुविधाएं बहाल करने पर जोर
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों के साथ समीक्षा बैठक कर तत्काल राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बिजली आपूर्ति बहाल करने, गिरे पेड़ों को हटाने, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करने और चक्रवात से फसलों व नारियल के बागानों को हुए नुकसान का पारदर्शी आकलन कर जल्द मुआवजा बांटने के आदेश दिए हैं। उधर, श्रीकाकुलम जिले में रेलवे पुल के जलमग्न हो जाने के कारण रेल सेवाएं बुरी तरह बाधित हुई हैं।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक दिखा असर
चक्रवात 'अर्नब' के कमजोर होकर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर की ओर बढ़ने से पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के मौसम में भी तेजी से बदलाव आया है। भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बूंदाबांदी से ठंड बढ़ गई है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के नौ जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।


