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    Homeदुनियाबड़े युद्धों और वैश्विक विनाश की आशंका, अमेरिकी भविष्यवक्ता ने दी चेतावनी

    बड़े युद्धों और वैश्विक विनाश की आशंका, अमेरिकी भविष्यवक्ता ने दी चेतावनी

    वाशिंगटन। अमेरिकी भविष्यवक्ता जॉन होग, जिन्हें 'अमेरिकी नास्त्रेदमस' भी कहा जाता है, ने आने वाले 15 महीनों में वैश्विक परिस्थितियों को लेकर कई चौंकाने वाली आशंकाएं जताई हैं। लगभग 40 वर्षों से फ्रांस के चर्चित भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस के ग्रंथों का अध्ययन करने का दावा करने वाले होग की इन भविष्यवाणियों का हालांकि कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, लेकिन उनके दावों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है।

    वर्ष 2028 तक परमाणु हमले और वैश्विक संकट का दावा

    अपनी ताजा भविष्यवाणी में जॉन होग ने चेतावनी दी है कि वर्ष 2028 तक दुनिया को परमाणु हमले, भयंकर आर्थिक संकट और बड़े सैन्य संघर्षों का सामना करना पड़ सकता है। उनका दावा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव परमाणु युद्ध की स्थिति तक पहुँच सकता है। होग के अनुसार, यदि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला होता है, तो इसके जवाब में अमेरिकी सैन्य जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अरब सागर में ईरानी मिसाइलों और उत्तर कोरियाई ड्रोन से संभावित हमलों की आशंका भी व्यक्त की है।

    27 साल लंबे युद्ध और ऊर्जा संकट की चेतावनी

    होग ने नास्त्रेदमस की पुरानी भविष्यवाणियों का हवाला देते हुए दावा किया कि दुनिया को 27 वर्ष लंबे व्यापक युद्ध का सामना करना पड़ सकता है। उनके मुताबिक, इस संघर्ष की शुरुआत सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की हत्या या अचानक मृत्यु से हो सकती है, जिन्हें वे नास्त्रेदमस के रहस्यमयी पात्र 'मैबस' से जोड़ते हैं। उनका मानना है कि इस प्रकार के वृहद संघर्ष से पश्चिम एशिया का तेल और गैस उद्योग प्रभावित होगा, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट, भारी महंगाई और खाद्य पदार्थों की किल्लत उत्पन्न हो सकती है।

    नाटो-रूस तनाव और अमेरिका की आंतरिक चुनौतियाँ

    रूस और नाटो (NATO) देशों के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए होग ने दावा किया कि यूक्रेन युद्ध में यूरोपीय देशों के सीधे हस्तक्षेप से स्थिति बिगड़ सकती है। घरेलू मोर्चे पर उनके अनुसार, सितंबर 2028 तक अमेरिका को भारी कर्ज, महंगाई, ईंधन की कमी और राजनीतिक अस्थिरता के कारण अपने वैश्विक प्रभाव में गिरावट का सामना करना पड़ सकता है। जॉन होग का कहना है कि उनकी इन चेतावनियों का उद्देश्य भय फैलाना नहीं, बल्कि दुनिया को युद्ध के स्थान पर शांति का मार्ग चुनने के लिए सचेत करना है।

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