भोपाल। केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री हरदीप सिंह पुरी और उनकी धर्मपत्नी लक्ष्मी पुरी की चल एवं अचल संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक हुआ है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव हेतु भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान हरदीप सिंह पुरी ने यह हलफनामा प्रस्तुत किया। शनिवार को दाखिल किए गए इस चुनावी हलफनामे में केंद्रीय मंत्री तथा उनकी पत्नी की आय, कुल संपत्ति और विदेशों में स्थित संपत्तियों का विस्तृत विवरण दर्ज किया गया है। हलफनामे के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया है कि चल संपत्ति के मामले में केंद्रीय मंत्री की तुलना में उनकी पत्नी लक्ष्मी पुरी के पास अधिक धन-संपदा दर्ज है, जिसमें स्विट्जरलैंड में स्थित संपत्ति भी शामिल है।
दंपति की चल-अचल संपत्ति का संपूर्ण ब्योरा
चुनावी हलफनामे में दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के पास कुल 6.54 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और लगभग 20 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति मौजूद है। इसके विपरीत, उनकी पत्नी लक्ष्मी पुरी के नाम 10.66 करोड़ रुपये की चल संपत्ति तथा लगभग 9 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति दर्ज की गई है। इस प्रकार तरल और चल वित्तीय परिसंपत्तियों के मामले में लक्ष्मी पुरी अपने पति से काफी आगे हैं, जो इस हलफनामे का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।
विगत पांच वर्षों में आय में निरंतर वृद्धि
हलफनामे के जरिए केंद्रीय मंत्री की वार्षिक आय का लेखा-जोखा भी सामने आया है, जिसके अनुसार बीते पांच वर्षों में उनकी सालाना आय 63.26 लाख रुपये से बढ़कर 75.57 लाख रुपये तक पहुंच गई है। विभिन्न वित्तीय वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021-22 में उनकी आय 15 लाख 39 हजार 750 रुपये थी, जो 2022-23 में 1 करोड़ 2 लाख 50 हजार 39 रुपये हो गई। इसके बाद 2023-24 में 1 करोड़ 7 लाख 91 हजार 500 रुपये, 2024-25 में 1 करोड़ 61 लाख 18 हजार 490 रुपये तथा वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1 करोड़ 69 लाख 77 हजार 960 रुपये दर्ज की गई है।
विदेशी मुद्रा, विदेशी संपत्ति और आय के मुख्य स्रोत
लक्ष्मी पुरी की घोषित संपत्ति के विवरण में लगभग 30 लाख स्विस फ्रैंक तथा 2 लाख 90 हजार 650 अमेरिकी डॉलर मूल्य की विदेशी मुद्रा का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री परिवार की आय के प्रमुख स्रोतों में दिल्ली स्थित आवासीय संपत्तियों से प्राप्त होने वाला मासिक किराया, नियमित पेंशन तथा विभिन्न बैंकों में जमा धन पर मिलने वाला ब्याज शामिल है। राज्यसभा उपचुनाव के नामांकन के साथ पेश किए गए इस दस्तावेज के सार्वजनिक होते ही केंद्रीय मंत्री और उनकी पत्नी की संपत्तियों में अंतर तथा विदेशी परिसंपत्तियों की विस्तृत जानकारी राजनीतिक एवं प्रशासनिक गलियारों में खासी चर्चा का विषय बन गई है।


